चंडीगढ़ : पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से सुनहरे भविष्य की तलाश में विदेश गए तीन युवाओं की पिछले एक सप्ताह के भीतर रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतकों में दो युवतियां और एक युवक शामिल है।
आर्थिक तंगी और विदेशी कानूनी प्रक्रियाओं के उलझाव के चलते शोकाकुल परिवार अपने बच्चों के पार्थिव शरीर भारत लाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। फतेहगढ़ साहिब के सांसद डॉ. अमर सिंह बोपाराय ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप करने और प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया है।
घर की आर्थिक स्थिति सुधारने अमेरिका गया था महक
ताजा मामला लुधियाना जिले के गांव घांघस के युवक महक सिंह का है। महक 1 अप्रैल 2024 को परिवार की मदद के लिए अमेरिका के इंडियाना गया था, लेकिन 22 अप्रैल को संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत हो गई। एक मामूली किसान उदय सिंह के छोटे बेटे महक ने अपनी पारिवारिक स्थिति सुधारने के लिए वहां दिन-रात कड़ी मेहनत की थी। मृतक के चचेरे भाई हरकिरण सिंह घांघस ने बताया कि परिवार को अभी तक मौत के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है और शव वापस लाने का भारी-भरकम खर्च उठाना उनके बस से बाहर है। गांव के लोगों और दोस्तों ने अब सोशल मीडिया के जरिए फंड जुटाने की मुहिम शुरू की है।
कनाडा में दो युवतियों की संदिग्ध परिस्थितियों में गई जान
दुखद घटनाओं का सिलसिला यहीं नहीं थमा। अहमदगढ़ की 29 वर्षीय प्रतिभा गुप्ता का शव कनाडा के ब्रैम्पटन में उसके कमरे की सीढ़ियों के पास संदिग्ध हालात में मिला। परिजनों का कहना है कि जब यह घटना हुई, मकान मालिक अमेरिका में थे और प्रतिभा को घंटों तक कोई मदद नहीं मिल सकी। परिवार को अभी भी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
वहीं, एक अन्य मामले में लुधियाना के ही मनूके गांव की अनमोलदीप कौर का शव ओंटारियो के एक पार्क में मिला। अनमोलदीप के पिता सेवानिवृत्त सूबेदार परमिंदर सिंह का परिवार इस गहरे सदमे में है कि आखिर उनकी बेटी की अचानक मौत कैसे हुई। उसका भाई दिलप्रीत सिंह शव को वतन लाने की कानूनी औपचारिकताओं के लिए अमेरिका से ओंटारियो पहुंच गया है और एक एनजीओ की मदद से प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है।
सांसद ने विदेश मंत्रालय को लिखा पत्र
फतेहगढ़ साहिब के सांसद डॉ. अमर सिंह बोपाराय ने कहा कि वह तीनों पीड़ित परिवारों के निरंतर संपर्क में हैं। उन्होंने बताया कि विदेशों में स्थानीय पुलिस और एजेंसियां अपने कानूनों के हिसाब से जांच करती हैं, जिसमें समय लगना स्वाभाविक है। उन्होंने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से बात की है ताकि कागजी कार्रवाई और शवों को पंजाब लाने की प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जा सके। सांसद ने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार के माध्यम से इन परिवारों की हर संभव मदद की जाएगी।
