लुधिायाना : शुक्रवार को नौका विहार के दौरान वृंदावन में यमुना में पैंटून पुल का पीपा टकरा जाने से पंजाब के श्रद्धालुओं से भरी मोटरबोट पलटने के मामले में लगातार पानी में डूबे लोगों की तलाश की जा रही है। शनिवार शाम तक 11 शवों को निकाला जा चुका था।
रविवार सुबह दो अन्य श्रद्धालुओं के शव भी मिल गए। इनमें लुधियाना के जगराओं निवासी ऋषभ शर्मा और लुधियाना के ही अर्बन एस्टेट डूगरी निवासी डिंकी बंसल शामिल हैं। अब मृतक संख्या बढ़कर 13 हो गई है। हादसे में डिंकी बंसल की मां मीनू बंसल की भी मृत्यु हो चुकी है। उनका शव शुक्रवार को ही निकाल लिया गया था।
शुक्रवार दोपहर वृंदावन में दर्शन के लिए गए जगराओं जत्थे की नाव के केशी घाट और यमुना नदी में पलटने से हुई दस मौतों में से पांच मृतक जगराओं के ही रहने वाले थे। शुक्रवार देर रात वहां पोस्टमार्टम करवाने के बाद, प्रशासन ने सुरक्षा के लिए पायलट वाहनों के साथ अलग-अलग एंबुलेंस में मृतकों के शव जगराओं भेजे।
जो शनिवार सुबह करीब 10 बजे जगराओं बस अड्डा चौक पहुंचे। वहां मौजूद सैकड़ों शहरवासियों की उपस्थिति में शवों को उनके घरों तक पहुंचाया गया। इनमें मधुर बहल और उनकी मां कविता बहल, चाचा चरणजीत बहल और चाची पिंकी बहल, साथ ही ईशान कटारिया शामिल थे।
मुखयमंत्री भगवंत मान इस बड़े दुखद हादसे के पीड़ितो के परिवारों का दुख साझा करने के लिए विशेष रूप से जगराओं पहुंचे। वह ईशान कटारिया के घर गए और उनके माता-पिता के साथ अपना दुख साझा किया। उसके बाद, वह चरणजीत बहल के घर पहुंचे और उनके बेटे तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अपना दुख साझा किया।
