तामिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने रविवार को पद संभालते ही तेज़ी से अपने चुनावी वादों पर काम शुरू कर दिया. शपथ लेने के कुछ ही देर बाद उन्होंने कई अहम फाइलों पर हस्ताक्षर किए और साफ संकेत दिया कि उनकी सरकार जनता से किए गए वादों को प्राथमिकता देगी।
विजय ने सबसे पहले घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना को मंजूरी दी. यह उनके चुनाव अभियान के सबसे बड़े वादों में शामिल था. इसके अलावा उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक विशेष सुरक्षा बल बनाने से जुड़ी फाइल पर भी हस्ताक्षर किए. सरकार का कहना है कि यह फोर्स महिलाओं से जुड़े अपराधों पर तेजी से कार्रवाई करेगी।
हालांकि शपथ ग्रहण समारोह के बाद विजय का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश डीएमके सरकार को लेकर आया. उन्होंने ऐलान किया कि 2021 से 2026 तक तमिलनाडु की आर्थिक स्थिति पर एक श्वेत पत्र जारी किया जाएगा. विजय ने कहा, ‘डीएमके सरकार हमारे लिए 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज छोड़कर गई है. मैं जनता को बताना चाहता हूं कि पिछली सरकार ने राज्य पर कितना बोझ डाला है और मुझे किस स्थिति में जिम्मेदारी संभालनी पड़ी है।
घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 200 यूनिट बिजली मुफ्त : सरकार के मुताबिक, घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जाएगी. इससे मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. वहीं महिलाओं के लिए राज्य परिवहन निगम की साधारण बसों में मुफ्त सफर की योजना भी तुरंत लागू करने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनकी सरकार ‘जनता की सरकार’ होगी और चुनाव के दौरान किए गए वादों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा. उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी नहीं होनी चाहिए और आम लोगों तक लाभ जल्द पहुंचे।
अगर मुझे सहयोग दें तो मैं अपने सभी वादे पूरे करूंगाः विजय : अपने संबोधन में विजय ने पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन देने का वादा किया. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जनता के भरोसे पर खरी उतरने की पूरी कोशिश करेगी. उन्होंने लोगों से समर्थन मांगते हुए कहा, ‘अगर आप मुझे मौका और सहयोग देंगे, तो मैं अपने सभी वादों को पूरा करने की कोशिश करूंगा.’ विजय के इस बयान पर समारोह में मौजूद लोगों ने जोरदार तालियों के साथ स्वागत किया. नई सरकार के पहले फैसलों और डीएमके पर हमले ने साफ कर दिया है कि तमिलनाडु की राजनीति अब एक नए और आक्रामक दौर में प्रवेश कर चुकी है।
शपथ ग्रहण के बाद इन फैसलों से तमिल सियासत में हलचल : इन दो बड़े फैसलों के अलावा सरकार ने युवाओं के रोजगार, महंगाई से राहत और सामाजिक कल्याण से जुड़ी कई योजनाओं पर भी काम शुरू करने के संकेत दिए हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजय अपनी पहली ही पारी में खुद को ‘वादा निभाने वाले नेता’ के रूप में स्थापित करना चाहते हैं. शपथ ग्रहण के तुरंत बाद लिए गए इन फैसलों ने राज्य की राजनीति में हलचल तेज कर दी है. समर्थक इसे ‘जनता के लिए बड़ी राहत’ बता रहे हैं, जबकि विपक्ष सरकार की आर्थिक क्षमता और इन योजनाओं के वित्तीय बोझ पर सवाल उठा रहा है।
