नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज एक बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला, जहां CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भारत लौटने के बाद प्रदर्शन का नेतृत्व किया । यह प्रदर्शन परीक्षा और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर किया गया। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए।
यह लंबी लड़ाई है- अभिजीत दीपके
प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके ने कहा कि यह आंदोलन लंबा चलने वाला है. उन्होंने कहा कि एक महीने से सोशल मीडिया पर इस्तीफे की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार की ओर से कार्रवाई करने के बजाय ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स को हैक किया गया और पोस्ट डिलीट करवाई गईं. दीपके ने कहा, ‘आप हमारे पोस्ट हटा सकते हैं, लेकिन हमें इस जगह से नहीं मिटा सकते।
प्रमुख मांगें
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने केवल इस्तीफे की मांग ही नहीं की, बल्कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दों को भी उठाया।
1. शिक्षा में डिजिटलाइजेशन से पहले प्रशिक्षण की मांग : 50 वर्षीय राधेश्याम कैथल ने कहा कि बैंकिंग और शिक्षा में तेजी से डिजिटलाइजेशन हो रहा है, लेकिन इसके साथ गलत प्रथाओं को रोकने की व्यवस्था नहीं है. उन्होंने कहा कि बैंक फ्रॉड बढ़ रहे हैं और शिक्षा क्षेत्र में भी इसका असर दिख रहा है. उन्होंने मांग की कि डिजिटल सिस्टम लागू करने से पहले शिक्षकों को सही प्रशिक्षण और पूरी तैयारी दी जाए।
2. मणिपुर में शिक्षा व्यवस्था सामान्य करने की मांग : 32 वर्षीय विंसन, जो मणिपुर से हैं और वर्तमान में नोएडा में काम करते हैं, ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से मणिपुर में हालात सामान्य नहीं हैं. स्कूल और कॉलेज प्रभावित हैं और छात्र गंभीर परेशानी में हैं. उन्होंने वहां शिक्षा व्यवस्था को सामान्य करने की मांग की।
3. प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग : राजस्थान के जयपुर की रहने वाली 34 वर्षीय गायत्री सिंह ने NEET पेपर लीक का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि उनका रिश्तेदार कोटा में रहकर तीन साल से तैयारी कर रहा था, लेकिन पेपर लीक की वजह से उसका मनोबल टूट गया. उन्होंने परीक्षा प्रणाली में विश्वसनीयता और निष्पक्षता की मांग की।
4. छात्रों और अभिभावकों के मुद्दों पर ध्यान देने की अपील : दिल्ली के 18 वर्षीय रोनक कुमार ने कहा कि वे पहले निश्चित नहीं थे कि प्रदर्शन में शामिल हों या नहीं, लेकिन बाद में वे खुद आ गए. उन्होंने कहा कि यह संगठन छात्रों और अभिभावकों की समस्याओं को उठा रहा है, जो महत्वपूर्ण है।
5. मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की मांग : मनोवैज्ञानिक सुगंधा ने कहा कि यह आंदोलन सोशल मीडिया से लोगों को सड़क पर ला रहा है. उन्होंने कहा कि कई छात्र मानसिक दबाव में हैं और कुछ आत्महत्या तक कर चुके हैं, लेकिन इस पर कोई जवाबदेही नहीं है।
बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी : प्रदर्शन में सैकड़ों लोग शामिल हुए, जिनमें अधिकतर युवा थे. कई प्रदर्शनकारी कॉकरोच मास्क पहनकर और फूल लेकर पहुंचे. स्कूल और कॉलेज के छात्र भी अपने अभिभावकों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए. भीड़ में छात्रों, कॉलेज स्टूडेंट्स और युवा पेशेवरों की बड़ी भागीदारी देखी गई।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और तेज : CJP ने प्रदर्शन स्थल पर कई नारे लगाए. प्रदर्शनकारियों ने NEET पेपर लीक, CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली में कथित गड़बड़ियों और अन्य परीक्षा संबंधी अनियमितताओं को लेकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ और ‘धर्मेंद्र प्रधान, इस्तीफा दो’ जैसे नारे लगाए गए. साथ ही ‘जय भीम’ के नारे भी गूंजते रहे।
