शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरीके से बर्बाद करने पर तुली है सुक्खू सरकार : जयराम ठाकुर

by
तानाशाही से अपनी नाकामियां नहीं छुपा सकते मुख्यमंत्री,   स्कूल और बच्चों के टूर्नामेंट बंद करने के बहाने खोज रही है सरकार
संस्थानों को बंद करने वाले मुख्यमंत्री के रूप में जाने जाएंगे सुखविंदर सिंह सुक्खू
एएम नाथ। सिरमौर :  सिरमौर दौरे पर गए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरीके से चौपट करना चाहती है। इसीलिए आए दिन कोई न कोई प्रयोग कर रही है। 2000 से ज्यादा स्कूल सरकार ने 2 साल में बंद कर दिए हैं। जिसका शिक्षा जगत से जुड़े लोगों द्वारा विरोध किया जा रहा है। सरकार ने एक तरफ एनईपी का हवाला देते हुए पहली क्लास में एडमिशन की उम्र बढ़कर 5 से 6 साल कर दी जिसकी वजह से स्वाभाविक रूप से पहली क्लास में बच्चों के एडमिशन कम हुई। इसका लाभ लेते हुए सरकार ने प्रदेश में सैकड़ो स्कूल मिड सेशन में बंद कर दिए। सरकार का यह रवैया और स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के लिए बहुत नुकसानदायक है। एक तरफ सरकार स्कूल कॉलेज बंद करने के बहाने खोज रही है तो दूसरी तरफ ज्यादा से ज्यादा शराब के ठेके खोलने की तरकीब निकाल रही है।
 
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह सरकार किसी की बात सुनने को तैयार नहीं है, जो लोग आवाज उठाते हैं उन्हें कार्रवाई की धमकी देकर डराया जाता है, चुप कराया जाता है। अपनी बातें अनसुनी होने पर जो लोग लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हैं उनके खिलाफ सरकार तानाशाही वाला रवैया अपनाती है और उन्हें निलंबित करने, रिटायर करने और बर्खास्त करने जैसी कार्रवाई की धमकी देती है। लोगों की समस्याओं का समाधान तानाशाही पूर्ण रवैया अपना कर नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री को लोगों की बात सुननी चाहिए जिससे उन्हें जमीनी हकीकत का पता लग सके। सरकार लोगों से प्रदर्शन करने का लोकतांत्रिक अधिकार छीनना चाहती है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसा नहीं हो सकता इसलिए मुख्यमंत्री को इस तरह की तानाशाही से परहेज करना चाहिए।
जयराम ठाकुर ने कहा कि इस बार के जारी शैक्षणिक कैलेंडर में स्टेट लेवल, जिला लेवल के टूर्नामेंट को भी शामिल नहीं किया गया है। जिसका सीधा सा मतलब है सरकार ने इस तरीके के खेल आयोजनों को बंद कर दिया है। सरकार खेल आयोजनों को बंद करने की मंशा पिछली साल ही दिखा चुकी है, गत वर्ष आयोजित हुए खेल प्रतियोगिताओं का पैसा अभी तक जारी नहीं किया गया है। पढ़ाई लिखाई के साथ खेलकूद छात्र के सर्वांगीण विकास के लिए बहुत आवश्यक है। सरकार द्वारा टूर्नामेंट को बंद कर देना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और विवेकहीन कदम है। प्राथमिक शिक्षकों का जिला कैडर होने के बाद भी सरकार ने प्राथमिक शिक्षा के शिक्षकों के प्रमोशन ट्रांसफर जैसे अधिकार जिला कैडर के अधिकारियों से छीन लिए हैं। अध्यापकों के प्रमोशंस नहीं हो रहे हैं, नियुक्तियां रुकी पड़ी है, जेबीटी के 5000 से अधिक पद खाली पड़े हैं। नर्सरी के बच्चों की शिक्षकों की नियुक्तियां नहीं हो रही हैं। 11 क्लासेस को संभालने वाला प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय बंद कर दिया। यह सरकार क्या चाहती है किसी को समझ नहीं आ रहा है।
सिरमौर यात्रा पर गए नेता प्रतिपक्ष ने पत्रकारों द्वारा सिरमौर में बंद किए गए सैकड़ो संस्थानों के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि सुक्खू सरकार संस्थान बंद करने, जन सुविधाएं छीनने का रिकॉर्ड बनाने वाली सरकार है। दुनिया भर के नेता चाहते हैं कि उनके नाम चीजों को शुरू करने सुविधाएं देने के लिए, विकास करने के लिए याद रखे जाएं। सुक्खू जी इकलौते नेता हैं जो चाहते हैं कि उनका नाम सुविधा छीनने, संस्थान बंद करने, विकास के काम ठप करने के लिए जाना जाए। इसीलिए वह उल्टे रास्ते पर चल रहे हैं। इस मौके पर उनके साथ पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल, शिमला सांसद सुरेश कश्यप, पोंटा साहिब से विधायक सुखराम चौधरी, पच्छाद विधायक रीना कश्यप, शिमला जिला अध्यक्ष केशव चौहान आदि उपस्थित थे।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

सरकार ने तीन वर्षों में विकास और कल्याण को दी नई दिशा : रोहित ठाकुर

77वें गणतंत्र दिवस पर शिक्षा मंत्री ने कुल्लू में फहराया राष्ट्रीय ध्वज, परेड की ली सलामी एएम नाथ।  कुल्लू, 26 जनवरी : 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने ऐतिहासिक...
article-image
हिमाचल प्रदेश

शिवा प्रोजेक्ट के तहत 1300 करोड़ की राशि की जाएगी व्यय: जगत सिंह नेगी

हारचक्कियां में उपतहसील भवन की साइट का भी किया निरीक्षण, शाहपुर विस के ठेहड़ में लोक भवन तथा पंचवटी पार्क का किया शिलान्यास धर्मशाला, शाहपुर 02 अक्तूबर। राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत...
article-image
पंजाब , हिमाचल प्रदेश

वन विभाग में ठेकेदारी लाइसेंस के लिए 500 की जगह अब देने होंगे पांच हजार

एएम नाथ। शिमला : हिमाचल प्रदेश सरकार ने वन विभाग में ठेकेदारी लाइसेंस फीस दस गुना बढ़ा दी है। अब नए पंजीकरण पर 500 रुपये की जगह पांच हजार रुपये अदा करने होंगे। करीब 30...
article-image
हिमाचल प्रदेश

समाज को सही दिशा प्रदान करने वाली विभूतियां सदैव सम्मान की पात्र – राजेश धर्माणी

एएम नाथ। सोलन : नगर नियोजन, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि समाज को सही दिशा प्रदान करने वाली विभूतियां सदैव सम्मान की पात्र होती हैं। राजेश धर्माणी...
Translate »
error: Content is protected !!