तरनतारन : शिरोमणी अकाली दल ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष (पीपीसीसी) अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के खिलाफ पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री बूटा सिंह पर जातिवादी और अनुसूचित जाति समुदाय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और उनके खिलाफ अत्याचार निवारण एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है।
डी.एस.पी सिटी तरनतारन को एक लिखित शिकायत में पूर्व मंत्री और अकाली दल के एस.सी विंग के अध्यक्ष गुलजार सिंह रणीके, पूर्व विधायक बलजीत सिंह जलालउसमां और राजविंदर सिंह धर्मकोट ने कहा कि अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने तरनतारन में एक चुनाव सभा को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री बूटा सिंह के खिलाफ जातिवादी टिप्पणी करने के अलावा एस.सी समुदाय के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया।
अकाली नेताओं ने कहा कि वडिंग ने जानबूझकर अनुसूचित जाति समुदाय को बदनाम करने के मकसद से ऐसा किया है, जिसका प्रतिनिधित्व करते हुए बूटा सिंह ने राष्ट्रीय स्तर पर कड़ी मेहनत की थी। उन्होने कहा कि इन टिप्पणियों ने अनुसूचित जाति समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है और इसीलिए उनके खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम (अत्याचार निवारण) एक्ट,1989 की धारा 3 और 10-11 के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
पार्टी की अनुसूचित जाति विंग ने भी राजा वडिंग के खिलाफ धरना दिया और कहा कि वे अनुसूचित जाति समुदाय को बदनाम करने के लिए उनके साथ-साथ कोंग्रेस पार्टी के खिलाफ भी कार्रवाई करेंगें। उन्होने यह भी कहा कि वडिंग के इस बयान से उनकी बीमार मानसिकता उजागर हो गई है और लोगों से तरनतारन उपचुनाव में पार्टी को करारा सबक सिखाने का आग्रह किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ नेता बलजीत सिंह जलालउसमां, राजविंदर सिंह धर्मकोट, राजनबीर सिंह घुम्मण, बख्शीश सिंह दयाल, प्रगट सिंह, ठेकेदार भजन सिंह, कुलविंदर सिंह गोरखा, हरदेव सिंह नागोके, गुरमीत सिंह उप्पल, करम सिंह भटटी, सुखदेव सिंह और तरलोक सिंह सरपंच भी मौजूद थे।
