कनाडा पढ़ने आपने बच्चों को मत भेजो… भारतीय पैरेंट्स को एक्सपर्ट्स ने बताया कनाडा में है कितने बुरे हैं हालात

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चंडीगढ़ : कनाडा में पढ़ना बहुत से भारतीयों का सपना है, तभी वे हर साल बड़ी संख्या में यहां एडमिशन लेने पहुंचते हैं। मगर कुछ स्टूडेंट्स के लिए कनाडा में पढ़ने का सपना बुरा ख्वाब साबित हो रहा है।

इसकी वजह ये है कि सैकड़ों छात्रों को फर्जी कॉलेजों में दाखिला दिलवाया जा रहा है, जहां कोई पढ़ाई नहीं होती है। इसी तरह से बहुत से ऐसे स्टूडेंट्स हैं, जिन्होंने कोर्स तो पूरा कर लिया, लेकिन अब उन्हें वर्क परमिट पाने में दिक्कत हो रही है, क्योंकि कोर्स परमिट की शर्तों को पूरा नहीं करता है।

यही वजह है कि बहुत से एक्सपर्ट्स भी भारतीयों को चेतावनी दे रहे हैं कि उन्हें कनाडा पढ़ने नहीं जाना चाहिए। यूट्यूबर और पॉडकास्टर कुशाल मेहरा ने चेतावनी दी है कि कनाडा में पढ़ाई करने का सपना कई भारतीय छात्रों के लिए बुरा साबित हो रहा है। उन्होंने उन परिवारों को सख्त चेतावनी दी है, जो अपने बच्चों को विदेश में शिक्षा दिलवाना चाहते हैं। हाल ही में एक पॉडकास्ट में कुशाल ने बताया कि कनाडा में हालात कितने खराब हो चुके हैं। यहां पर रहना-खाना भी लोगों की हद से बाहर हो गया है।

 

डिप्लोमा मिल बर्बाद कर देंगे भविष्य: कुशाल मेहरा

कुशाल मेहरा ने पैरेंट्स से गुजारिश की कि उन्हें अपने बच्चों को विदेश भेजने से पहले दो बार सोचना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘कृपया अपने बच्चों को फर्जी कॉलेजों या एजेंटों के जरिए कनाडा ना भेजें।’ मेहरा ने कहा कि टॉप यूनिवर्सिटीज में पढ़ना ठीक है, लेकिन डिप्लोमा मिल से बचें। उन्होंने कहा, ‘अगर वाटरलू, यॉर्क या वेस्टर्न जैसी कोई प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी है, तो बात अलग है। लेकिन अगर कोई आपको डिप्लोमा मिल में एडमिशन ऑफर दे रहा है, तो यह एक ऐसा जाल है जो आपका भविष्य बर्बाद कर देगा।’

कनाडा पहुंचकर बेरोजगार हो रहे स्टूडेंट्स

कुशाल की चेतावनी ऐसे समय पर सामने आई है, जब बड़ी संख्या में भारतीय कनाडा पढ़ने पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि बहुत से छात्रों को अच्छी नौकरियों का लालच देकर कनाडा ले जाया जाता है। फिर वे वहां पहुंचकर बेरोजगार हो जाते हैं। उन्हें घरों की किल्लत का सामना करना पड़ता है और स्थानीय लोगों के गुस्से का शिकार भी बनना पड़ता है। उन्होंने 2022 में पास हुए Motion M44 की भी बात की, जिसे विदेशी स्टूडेंट्स को पढ़ाई के दौरान भी फुल-टाइम वर्कर के तौर पर काम करने की इजाजत दी।

भारतीय पॉडकास्टर ने बताया कि इसका मकसद लेबर की कमी को दूर करना था, लेकिन इसने कनाडा में इमिग्रेशन बढ़ा दिया। इसकी वजह से यहां का जॉब और हाउसिंग मार्केट लोगों की बढ़ती भीड़ को नहीं संभाल पाया। उन्होंने कहा, ‘माइग्रेशन इतना ज्यादा बढ़ चुका है कि कनाडा अब खुद संघर्ष कर रहा है। घरों की कीमत दो गुना हो गई है। नौकरियों की किल्लत है और सार्वजनिक सेवाएं दबाव में हैं। टोरंटो में सिंगल रूम का किराया 500-700 डॉलर से बढ़कर 1200 डॉलर महीना हो चुका है।’

झूठे वादों के लिए भविष्य बर्बाद ना करें

कुशाल मेहरा के मुताबिक, स्टूडेंट वीजा नियमों में ढील की वजह से संकट ज्यादा बढ़ गया है। पढ़ाई का दिखावा कर आपराधिक रिकॉर्ड रखने वाले लोगों को भी देश में एंट्री मिली है। उन्होंने भारतीय परिवारों को सावधान रहने की सलाह दी। कुशाल ने कहा, ‘अगर आपको पंजाब में सीट नहीं मिलती है, तो आप हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली या जम्मू चले जाएं। भारत में भी अच्छी यूनिवर्सिटीज हैं। झूठे वादों के लिए अपने भविष्य को बर्बाद ना करें।’

 

 

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