जिला भर के स्कूल मुखियों के लिए कार्यशाला आयोजित
शिक्षा सचिव ने नई पहलों और नव परिवर्तनों के बारे में भी बताया
एएम नाथ। धर्मशाला : राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के सभागार में जिला कांगड़ा के सभी शिक्षण संस्थानों के विद्यालय प्रमुखों की कार्यशाला का आयोजन किया गया इसमें बतौर मुख्यातिथि सचिव शिक्षा राकेश कंवर ने हिमाचल प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में विभाग तथा सरकार द्वारा किए जा रहे नई पहलों एवं नव परिवर्तनों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।

उन्होंने विशेष रूप से प्रदेश में लागू की गई क्लस्टर व्यवस्था के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला। शिक्षा सचिव ने आंकड़ों के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य के कई शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों की संख्या में लगातार कमी आई है, जिसके परिणामस्वरूप कई विद्यालय बंद भी हो चुके हैं। इस परिस्थिति को देखते हुए शिक्षा व्यवस्था में आमूलदृचूल परिवर्तन समय की आवश्यकता है। उन्होंने सभी विद्यालय प्रमुखों से आह्वान किया कि वे इन चुनौतियों का साझा प्रयासों से सामना करें।
कार्यशाला के दौरान सचिव ने क्लस्टर व्यवस्था से जुड़े अनेक विषयों पर विस्तार से चर्चा की तथा उपस्थित विद्यालय प्रमुखों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का स्थल पर ही समाधान भी प्रदान किया। इसके अतिरिक्त कार्यशाला में विद्या समीक्षा केंद्र तथा पोर्टल संबंधी प्रस्तुतियाँ समग्र शिक्षा शिमला टीम द्वारा दी गईं।
नोडल अधिकारी सुधीर भाटिया ने कार्यशाला में मंच का संचालन किया।
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में जिला कांगड़ा के 363 प्रधानाचार्य, 185 मुख्य अध्यापक, 353 केंद्रीय मुख्य शिक्षक एवं 23 खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी सहित लगभग 1000 से अधिक शिक्षकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली विशेष तौर पर उपस्थित रहे। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा, शिक्षा उपनिदेशक (प्रारंभिक) अजय सम्बयाल, उपनिदेशक (माध्यमिक) कमलेश कुमारी, (गुणवत्ता) कंचन ज्योति, धर्मशाला महाविद्यालय के प्रधानाचार्य राकेश पठानिया, सहायक निदेशक संजय ठाकुर, उपदृजिला शिक्षा अधिकारी अश्वनी भट्ट भी उपस्थित रहे।
