संदीप दीक्षित, केजरीवाल या फिर प्रवेश वर्मा -किसका पलड़ा भारी, क्या है समीकरण…जानिए

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नई दिल्ली :  कांग्रेस पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों में नई दिल्ली सीट से पूर्व सांसद संदीप दीक्षित को मैदान में उतारा है। संदीप का नाम गुरुवार 12 दिसंबर को जारी दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की 21 उम्मीदवारों की पहली सूची में शामिल है।

संदीप की दिवंगत मां और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने 2013 तक लगातार तीन बार इस सीट का प्रतिनिधित्व किया था। शीला दीक्षित को आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल चुनाव में हरा चुके हैं। आप के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल 2013 से इस सीट पर काबिज हैं। केजरीवाल ने 2015 और 2020 में भी यह सीट जीती थी। केजरीवाल के फिर से इस सीट से चुनाव लड़ने की संभावना है।
नई दिल्ली विधानसभा सीट पर किस-किस में कांटे की टक्कर –   अगर ऐसा होता है नई दिल्ली विधानसभा सीट पर इस बार रोचक मुकाबला देखने को मिलेगा। केजरीवाल और संदीप दीक्षित जहां आमने-सामने होंगे…वहीं भाजपा के उम्मीदवार से इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला भी हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक नई दिल्ली विधानसभा सीट से भाजपा प्रवेश वर्मा को उम्मीदवार बना सकती है।
हालांकि भाजपा ने फिलहाल अधिकारिक घोषणा नहीं की है। लेकिन गुरुवार 12 दिसंबर को प्रवेश वर्मा ने अपनी फोटो के साथ नई दिल्ली विधानसभा लिखा हुआ पोस्टर सोशल मीडिया एक्स पर शेयर किया था। इसी के बाद से कयासबाजी तेज हो गई है कि भाजपा की ओर से प्रवेश वर्मा को नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में उतारा जा सकता है।
हालांकि नाम फाइनल तो फिलहाल अरविंद केजरीवाल का भी नहीं है। लेकिन ये उनकी सीट रही है तो संभावनाएं है कि वो इस सीट  से फिर से चुनाव लड़ेंगे। अगर अरविंद केजरीवाल इस सीट से चुनाव लड़ते हैं तो उनका पलड़ा भारी दिख रहा है। हालांकि 10 सालों की एंटी इनकंबेंसी भी आप के लिए इस बार बड़ी चुनौती है। आप ने अब तक 31 नामों वाली दो सूचियां जारी की हैं। नई दिल्ली सीट के लिए उम्मीदवार की घोषणा अभी नहीं की गई है। अगर केजरीवाल 2025 में दिल्ली विधानसभा चुनाव नई दिल्ली सीट से लड़ते हैं, तो यह एक बड़ा राजनीतिक मुकाबला होगा।
      कांग्रेस और आप इंडिया ब्लॉक में भागीदार हैं, लेकिन दिल्ली और पंजाब में एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में केजरीवाल ने दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के साथ गठबंधन की किसी भी संभावना से इनकार किया था।
नई दिल्ली विधानसभा सीट का इतिहास :   1993 में, कीर्ति आजाद ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर नई दिल्ली विधानसभा सीट से जीत हासिल की। शीला दीक्षित ने 1998, 2003 और 2008 में कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में सीट जीती।
केजरीवाल ने 2013 में नई दिल्ली सीट से शीला दीक्षित को 25,000 से अधिक मतों से हराया। उन्होंने 2015 में भाजपा की नूपुर शर्मा को 31,000 से अधिक मतों से हराकर फिर से सीट जीती।
2020 के पिछले विधानसभा चुनाव में केजरीवाल ने भाजपा के सुनील यादव को 21,000 से अधिक मतों से हराया था। 2020 के विधानसभा चुनाव में नई दिल्ली सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार रोमेश सभरवाल को सिर्फ 3,220 वोट मिले थे। भाजपा ने अभी तक दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची की घोषणा नहीं की है।
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Who is Sandeep Dikshit: संदीप दीक्षित कौन हैं?
संदीप दीक्षित का जन्म 1964 में शीला दीक्षित और विनोद दीक्षित के घर हुआ था, जो उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं।
संदीप ने सेंट स्टीफंस कॉलेज से इतिहास में मास्टर डिग्री प्राप्त की है और 1989 में ग्रामीण प्रबंधन संस्थान, आनंद से ग्रामीण प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा किया है।
सक्रिय राजनीति में प्रवेश करने से पहले संदीप ने एक सामाजिक विकास समूह, संकेत सूचना और अनुसंधान एजेंसी का नेतृत्व किया, जिसने 1996 में दुनिया में पहली उप-राष्ट्रीय मानव विकास रिपोर्ट का बीड़ा उठाया। वह वर्तमान में ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी, सोनीपत में संकाय सदस्य हैं।
60 वर्षीय संदीप पूर्वी दिल्ली सीट से दो बार 2004 और 2009 में लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं। 2014 में वह इस सीट से हार गए थे।
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 कार्यक्रम :   70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा के चुनाव अगले साल फरवरी में होने की उम्मीद है। भारत के चुनाव आयोग ने अभी तक तारीखों की घोषणा नहीं की है। दिल्ली में मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी 2025 को समाप्त हो रहा है।
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