दीवान ने उच्च स्तरीय जांच, बी एंड आर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और दोषी ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की
लुधियाना, 12 जुलाई: पूर्व जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी) लुधियाना के अध्यक्ष एवं पंजाब लार्ज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बोर्ड के पूर्व चेयरमैन पवन दीवान ने भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए, लुधियाना नगर निगम की “बेहद खराब” कार्यप्रणाली की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि शहर की टूटी-फूटी सड़कें अब “जानलेवा सड़कें” बन चुकी हैं, जहां रोजाना अलग-अलग इलाकों में हादसे हो रहे हैं। दीवान ने कहा कि मौजूदा सरकार के शासन में लुधियाना कथित “स्मार्ट सिटी” से घटकर “नरक सिटी” बन गया है, जहां प्रशासनिक उदासीनता और विफलता ने आम लोगों का आवागमन तक जानलेवा बना दिया है।
इसी क्रम में, शहीद भगत सिंह नगर स्थित बंद पड़े लुधियाना सिटी सेंटर प्रोजेक्ट के निकट कल सड़क धंसने की घटना का जिक्र करते हुए, दीवान ने कहा कि यह किसी नागरिक आपदा से कम नहीं है। प्रभावित स्थल का स्वयं दौरा करने के बाद जारी बयान में, उन्होंने कहा कि केवल दस दिन पहले भी इसी सड़क का एक हिस्सा धंस गया था, जो नगर निगम की घोर लापरवाही को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि जहां सड़क धंसी हुई है, वह पूरा क्षेत्र किसी जीवित नरक जैसा दिखाई देता है, जहां से गुजरने वाला कोई भी व्यक्ति गंभीर हादसे का शिकार हो सकता है।
दीवान ने नगर निगम की बी एंड आर शाखा के अधिकारियों को सड़कों की बदहाल स्थिति के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पहली ही बारिश में यह सड़क दो हिस्सों में बंट गई है। पूरे शहर में सड़कों की हालत बेहद खराब है और यह स्थिति अत्यंत शर्मनाक है।
दीवान ने झंडू चौक के निकट हाल ही में सड़क धंसने की घटना का हवाला देते हुए, कहा कि शहर के अन्य हिस्सों, विशेषकर पाखोवाल रोड पर भी हालात बेहद खतरनाक हैं। उन्होंने बी एंड आर शाखा के अधिकारियों को इसका मुख्य दोषी बताते हुए कहा कि विभाग ने घटिया सामग्री से निर्माण कार्य कराने की अनुमति दी। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि रोजाना हादसे हो रहे हैं, लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है और कई लोग घायल हो रहे हैं।
दीवान ने लुधियाना नगर निगम की कार्यप्रणाली पर और नाराजगी जताते हुए, कहा कि भले ही लुधियाना को “स्मार्ट सिटी” का दर्जा दिया गया हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसे “नरक सिटी” साबित करती है। उन्होंने कहा कि लुधियाना अब गड्ढों का शहर बनकर रह गया है। नगर निगम कुंभकर्ण की तरह गहरी नींद में सोया हुआ है और टूटती सड़कों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। बड़े-बड़े होर्डिंग्स पर हजारों किलोमीटर सड़कें बनाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन 600 मीटर लंबी सड़कें भी गड्ढों से भरी पड़ी हैं और उनकी मरम्मत तक नहीं की जाती। यदि नगर निगम लोगों की बुनियादी समस्याओं का समाधान भी नहीं कर सकता, तो उसके अस्तित्व का उद्देश्य क्या है?
दीवान ने मामले की गहन जांच कराने के साथ-साथ लापरवाही के लिए जिम्मेदार बी एंड आर अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि घटिया सामग्री से सड़कें बनाने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए और उन पर भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए। साथ ही, धंसी हुई सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता इंद्रजीत कपूर तथा एडवोकेट संदीप अरोड़ा सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे।
