सुक्खू सरकार से हाईकोर्ट ने पूछा- क्या नर्सों की भर्ती एक फिनाइल बेचने वाली कंपनी कर सकती

by
रोहित जसवाल। शिमला : आउटसोर्स भर्तियों को लेकर नियमों की उड़ रहीं धज्जियों पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार की अस्थायी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने सरकार से पूछा है कि क्या एक फिनाइल बेचने वाली कंपनी नर्सों की भर्ती कर सकती है।
सरकार ने इसके लिए कोई भी पैरामीटर और नियम नहीं बनाए हैं।  हाईकोर्ट में जेके इंटरप्राइजेज की ओर से कंपनी को किन मापदंडों के तहत काम दिया जाता है और क्या पारदर्शिता है, इस पर याचिका दायर की गई है। सरकार ने इस पर अपना जवाब दायर किया है, जिस पर अदालत ने नाराजगी जताई। इस मामले की सुनवाई 31 दिसंबर को होगी। कंपनी की ओर से आरोप लगाया गया है कि कॉरपोरेशन की ओर से 5 फीसदी कमीशन तय किया है, जिससे ढाई-ढाई फीसदी कॉरपोरेशन और कंपनियों को जाता है। इस वजह से कंपनियों का वित्तीय नीलामी का अधिकार छिन गया है। काॅरपोरेशन कंपनियों को एंपैनल करता है, उसके बाद विभाग कॉरपोरेशन को संस्तुतियां भेजता है। अगर 10 लोगों से कम लेबर का काम है तो रोटेशन के तहत कंपनियों को काम देते हैं।
अगर उससे अधिक है तो कोई नियम नहीं हैं। उसके लिए तकनीकी नीलामी करते हैं। विभाग की ओर से अगर किसी कंपनी के नाम की सिफारिश की जाती है तो उसी को काम दिया जाता है। कॉरपोरेशन ने 36 कंपनियां चयनित की हैं, जिससे विभागों के काम आउटसोर्स किए जाते हैं। कॉरपोरेशन इनसे 50-50 हजार रुपये लेता है।   हिमाचल प्रदेश में वित्तीय नियम 2009 के तहत आउटसोर्स प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसके तहत सलाहकार बोर्ड, रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस और अधिसूचना होनी चाहिए, जबकि हिमाचल प्रदेश कॉरपोरेशन इन सभी नियमों को दरकिनार कर आउटसोर्स भर्तियां कर रहा है।
आउटसोर्स भर्तियों पर लगी रोक हटाने के लिए सरकार ने हाईकोर्ट में दायर की अर्जी :  हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में आउटसोर्स भर्तियों पर लगाई गई रोक को हटाने के लिए सरकार की ओर से एक अर्जी दायर की गई है। महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि आउटसोर्स भर्तियों की प्रक्रिया के लिए कमेटी के गठन के निर्माण पर सरकार विचार कर रही है। प्रदेश सरकार इस कमेटी की देखरेख करेगी, जिससे भर्तियों की प्रक्रिया में पारदर्शिता होगी। सरकार की ओर से दायर अर्जी पर अब 31 दिसंबर को सुनवाई होगी।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और सत्येन वैद्य की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। अदालत ने 7 नवंबर को इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन की ओर से विभागों में की जा रही सभी भर्तियों पर रोक लगा दी थी। खंडपीठ ने कंपनियों और उम्मीदवारों का सारा डाटा बेवसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाए हैं कि प्रदेश में करीब 110 कंपनियां फर्जी पाई गई हैं। भर्तियों की प्रक्रिया के लिए कोई नियम नहीं बनाए गए हैं। केंद्र की पॉलिसी के तहत केवल चतुर्थ श्रेणी के पदों को ही आउटसोर्स किया जाता है, जबकि हिमाचल प्रदेश में तृतीय श्रेणी को भी आउटसोर्स पर किया जा रहा है।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

46 लाख की अवैध संपत्ति जब्त : नशा तस्करी का सरगना चढ़ा पुलिस के हत्थे

एएम नाथ। सोलन : हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। जिला सोलन पुलिस की विशेष अन्वेषण इकाई (SIU) ने अंतरराज्यीय स्तर पर नशीले पदार्थों...
article-image
पंजाब , हिमाचल प्रदेश

विधायक और पूर्व IPS को आम आदमी पार्टी ने कर दिया पार्टी से निलंबित….कबीर के दोहे को फेसबुक पर पोस्ट कर दिया के डरने वाले नही

चंडीगढ़ : आम आदमी पार्टी ने अमृतसर उत्तर से विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कुंवर विजय प्रताप सिंह को पार्टी से 5 साल के लिए निलंबित कर दिया...
article-image
हिमाचल प्रदेश

चम्बा जिले में 25 अगस्त को बंद रहेंगे सभी शिक्षण संस्थान

एएम नाथ। चम्बा :  जिला दंडाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण चम्बा के अध्यक्ष मुकेश रेपसवाल ने सोमवार, 25 अगस्त को जिला चम्बा के सभी शैक्षणिक संस्थानों व आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के...
article-image
हिमाचल प्रदेश

मुख्यमंत्री ने काजा में स्टार गेजिंग सुविधा का शुभारंभ किया….प्रदेश में एस्ट्रो टूरिज्म के नए अध्याय का शुभारंभ: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री

एएम नाथ। शिमला :  मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला से जिला लाहौल-स्पीति के काजा में स्टार गेजिंग सुविधा का शुभारंभ किया। पर्यटन क्षेत्र में यह नवाचार पहल राज्य को एस्ट्रो-टूरिज्म गंतव्य...
Translate »
error: Content is protected !!