सेहत का हवाला दे, मांगा और समय : विजिलैंस के नोटिस के बावजूद नहीं पहुंचे पूर्व डिप्टी सीएम सोनी

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अमृतसर। विजिलैंस ब्यूरो द्वारा भेजे गए नोटिस के बाद भी पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम ओम प्रकाश सोनी अपना पक्ष रखने के लिए ब्यूरो के दफ्तर नहीं पहुंचे सके। उन्हें 10 बजे एसएसपी विजिलेंस ब्यूरो कार्यालय में आने के लिए कहा गया था। सीनियर अधिकारियों का कहना है कि ओम प्रकाश सोनी ने अपनी सेहत का हवाला देते हुए विजिलेंस ब्यूरो से मिलने के लिए और समय मांगा है। गौरतलब है कि पूर्व कांग्रेस मंत्रियों के बाद अब पूर्व डिप्टी सीएम ओम प्रकाश सोनी विजिलेंस ब्यूरो के रडार पर आ चुके हैं। बीते दिनों ही विजिलेंस विभाग का एक नोटिस पूर्व डिप्टी सीएम के रानी का बाग स्थित घर पर पहुंचा। जिसमें उन्हें शनिवार को एसएसपी विजिलेंस ऑफिस कचहरी चौक में पेश होने के लिए कहा गया था। जिसके अनुसार उन्हें शनिवार सुबह 10 बजे एसएसपी विजिलेंस ब्यूरो कार्यालय में पहुंच अपनी संपत्ति का ब्यूरो व इनकम प्रूफ देने थे। शनिवार सुबह एसएसपी कार्यालय में पूर्व डिप्टी सीएम ओम प्रकाश सोनी की तरफ से संदेश भेजा गया। जिसमें उन्होंने अपनी सेहत का हवाला देते हुए विजिलेंस ब्यूरो को उन्हें मिलने के लिए कुछ समय देने व कुछ समय बाद की तारीख देने के लिए कहा गया है। जिसे विजिलेंस ब्यूरो ने मान लिया है, लेकिन अगली तारीख पर जल्द निर्णय लिया जाएगा।
कोविड के दौरान तीन गुणा अधिक कीमत पर सैनेटाइजर खरीदने का लगा था आरोप :
इसी साल जुलाई महीने में पूर्व डिप्टी सीएम का नाम सैनिटाइजर घोटाले के साथ भी जुड़ा था। हालांकि सोनी इससे इनकार करते रहे। ओपी सोनी पर सेहत मंत्री रहते हुए कोविड के दौरान तीन गुणा अधिक कीमत पर सैनिटाइजर खरीदने का आरोप लगा था। इसका सारा रिकार्ड राजस्व विभाग ने मांग लिया था। चुनाव आयोग के लिए 1.80 लाख बोतलें 54.54 रुपये प्रति बोतल की दर पर खरीदी गई। जबकि सेहत विभाग ने वही सैनिटाइजर अपने लिए करीब तीन गुणा ज्यादा कीमत पर 160 रुपए प्रति बोतल के हिसाब से खरीदा रहा था। विजिलेंस ब्यूरों की तरफ से जो नोटिस पूर्व डिप्टी सीएम के घर पर दिया गया है, उसमें उन्हें आय संबंधी जानकारी व ब्यौरा पेश करने के लिए कहा गया है। स्पष्ट है कि इस दौरान 2017 से 2022 तक की आय की जांच की जा सकती है। इतना ही नहीं, इस दौरान उनसे उनकी प्रापर्टी का ब्यौरा भी मांगा गया है।
आप विधायक कुंवर ने भी उठाए थे सवाल :
पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने भी पूर्व डिप्टी सीएम की प्रापर्टी को लेकर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने कहा था कि अमृतसर के सर्किट हाऊस को लीज पर लेने वाली कंपनी के संबंध ओम प्रकाश सोनी के संबंध होने का मुद्दा उठाया था। इसके अलावा 2007 से लेकर 2022 तक उनकी प्रापर्टी 8 गुणा तक बढ़ चुकी है। 2007 में उनकी पार्टी जहां 1.94 करोड़ की थी, वहीं 2022 में यह बढ़ कर 18.98 करोड़ तक पहुंच गई। इसके अलावा पठानकोट और मोहाली में भी प्रापर्टी की बात कही जा रही है। इतना ही नहीं, एक होटल में भी उनकी हिस्सेदारी की बात उठ रही है।

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