‘जेम्स ऑफ हिमाचल अवॉर्ड्स-2026’ में बोले कविंद्र गुप्ता, फर्जी खबरों और एआई से तैयार भ्रामक सामग्री पर जताई चिंता
एएम नाथ। शिमला, 16 अक्तूबर। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता स्वस्थ लोकतंत्र की आधारशिला है। मीडिया को सत्य, विश्वसनीयता और जनहित के मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सामाजिक चुनौतियों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। समाचार सबसे पहले देने की होड़ से अधिक महत्वपूर्ण है कि जनता तक सही और प्रमाणिक जानकारी पहुंचे।
राज्यपाल शुक्रवार को शिमला में न्यूज 09 चैनल की ओर से आयोजित ‘जेम्स ऑफ हिमाचल अवॉर्ड्स-2026’ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मीडिया का कार्य केवल घटनाओं की रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि जनचेतना जागृत करना, जनसमस्याओं को उजागर करना और सरकार तथा समाज के बीच सेतु की भूमिका निभाना भी है।
खबरों की पहुंच नहीं, जनहित में योगदान हो सफलता का पैमाना
राज्यपाल ने कहा कि किसी मीडिया संस्थान की सफलता का आकलन केवल उसकी पहुंच, पाठकों या दर्शकों की संख्या से नहीं किया जाना चाहिए। वास्तविक सफलता इस बात में भी निहित है कि मीडिया कमजोर वर्गों की आवाज कितनी प्रभावशाली ढंग से उठाता है, जनसमस्याओं को कितना स्थान देता है और समाज में हो रहे सकारात्मक प्रयासों को किस तरह सामने लाता है।
उन्होंने कहा कि जिम्मेदार पत्रकारिता का अर्थ समस्याओं को छिपाना या आलोचना से बचना नहीं है। इसका उद्देश्य तथ्यों की सटीकता, संतुलित दृष्टिकोण और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता के साथ मुद्दों को सामने लाना है। मीडिया को सनसनी के बजाय सत्य, नकारात्मकता के बजाय समाधान और विभाजनकारी विचारों के बजाय संवाद को प्राथमिकता देनी चाहिए।
एआई और सोशल मीडिया से बढ़ी फर्जी खबरों की चुनौती
डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सोशल मीडिया के प्रभावों का उल्लेख करते हुए कविंद्र गुप्ता ने कहा कि आज कोई भी समाचार कुछ ही क्षणों में लाखों लोगों तक पहुंच सकता है। इन तकनीकों ने जनसंवाद के नए अवसर पैदा किए हैं, लेकिन इनके साथ भ्रामक सूचनाओं, अपुष्ट खबरों और एआई के माध्यम से तैयार की गई फर्जी सामग्री की चुनौती भी बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि ऐसी सामग्री जनता के विश्वास और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए मीडिया संस्थानों को खबरों की पुष्टि, तथ्यों की जांच और सूचना की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
नशे, महिला सुरक्षा और पर्यावरण जैसे मुद्दों पर निभाए भूमिका
राज्यपाल ने कहा कि युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, साइबर अपराध तथा डिजिटल मंचों पर फैलने वाली भ्रामक सामग्री जैसी चुनौतियों से निपटने में मीडिया महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। पत्रकारिता का दायित्व उन लोगों की समस्याओं को भी मंच प्रदान करना है, जिनकी आवाज बड़े मंचों तक नहीं पहुंच पाती।
उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं और शिकायतों को उजागर करने के साथ प्रशासनिक जवाबदेही मजबूत करने में भी मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है। स्वतंत्रता और जिम्मेदारी दोनों एक सशक्त लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए आवश्यक हैं।
विकसित भारत के लक्ष्य में मीडिया की अहम भूमिका
कविंद्र गुप्ता ने कहा कि विकसित भारत का संकल्प तभी सार्थक होगा, जब विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और नागरिक अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक हों। सरकारी योजनाओं तथा जनकल्याणकारी पहलों की सटीक जानकारी लोगों तक पहुंचाने और उनके क्रियान्वयन से जुड़े सवाल जिम्मेदारी से उठाने में मीडिया अहम भूमिका निभा सकता है। इससे जनजागरूकता, जवाबदेही और सहभागी शासन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
समारोह के दौरान राज्यपाल ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया और समाज के प्रति उनकी उपलब्धियों एवं सेवाओं की सराहना की। इससे पहले न्यूज 09 चैनल के प्रबंध निदेशक अजय ठाकुर ने राज्यपाल का स्वागत किया और पुरस्कार समारोह के महत्व पर प्रकाश डाला।
