हरित पंचायतों की आय का 25 प्रतिशत अनाथों और विधवाओं के कल्याण पर होगा व्यय

by
एएम नाथ। शिमला :  हरित पंचायत पहल अब राज्य भर के अनाथों और विधवाओं के कल्याण एवं उत्थान में भी योगदान देगी। यह अभिनव कदम न केवल नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगा, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को भी सहयोग प्रदान करेगा, जिससे समावेशी और सतत विकास सुनिश्चित होगा। इस पहल के सामाजिक कल्याण पक्ष को और सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार ने योजना के अंतर्गत राजस्व वितरण मॉडल में संशोधन करने का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम के तहत राज्य की 100 ग्राम पंचायतों में 500 किलोवाट क्षमता की भूमि-आधारित सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं।
संशोधित राजस्व वितरण व्यवस्था के अनुसार, इन परियोजनाओं से प्राप्त आय का 20 प्रतिशत राज्य सरकार को दिया जाएगा, 20 प्रतिशत परियोजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव के लिए हिमऊर्जा को आवंटित किया जाएगा, 10 प्रतिशत हिमऊर्जा को मिलेगा, 25 प्रतिशत संबंधित ग्राम पंचायत को विकास कार्यों के लिए प्रदान किया जाएगा तथा शेष 25 प्रतिशत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को हस्तांतरित किया जाएगा, जिससे संबंधित ग्राम पंचायत के अनाथों और विधवाओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जा सके।
वर्तमान राज्य सरकार ने समाज के वंचित और कमजोर वर्गों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है तथा उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए विभिन्न पहल की हैं। सरकार की प्रमुख योजनाओं में से एक मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना है, जिसके तहत अनाथ बच्चों की शिक्षा, देखभाल और समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक अनाथ बच्चे को प्रतिमाह 4,000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है। इस योजना से राज्य के लगभग 6,000 बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त, भवन निर्माण के लिए वित्तीय सहायता के अतिरिक्त जिन पात्र लाभार्थियों के पास भूमि नहीं है, उन्हें मकान निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध करवाई जा रही है।
इसी प्रकार, विधवाओं को मकान निर्माण के लिए 3 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे वे सम्मान और सुरक्षा के साथ जीवन यापन कर सकें। सरकार विधवाओं के बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में भी सहयोग दे रही है, ताकि वे अपने समकक्षों के साथ समान अवसरों पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं। इन पहलों ने वंचित बच्चों को अन्य बच्चों के समान अवसर प्रदान किए हैं, जिससे वे प्रतिस्पर्धा कर आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों और विधवाओं के लिए बढ़ाई गई वित्तीय सहायता उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करेगी तथा रोजगार और स्वरोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध करवाएगी, जिससे वे अधिक सुरक्षित और समृद्ध जीवन जीने में सक्षम होंगे।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

20 को बल्ह के घौड़ में होगा ‘‘सरकार गांव के द्वार’’ कार्यक्रम : उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री करेंगे कार्यक्रम की अध्यक्षता

मंडी 19 जनवरी । मंडी जिला के बल्ह विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सरध्वार के गांव घोैड़ के खेल मैदान में 20 जनवरी शनिवार को सुबह 10 बजे ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम का...
article-image
हिमाचल प्रदेश

लकड़ी तस्करी कर रहे 10 वाहन पकड़े : खैर और अन्य पेड़ों की लकड़ी लदी थी, पुलिस ने शिकायतों के आधार पर किए मामले दर्ज

एएम नाथ। अंब ; वन विभाग ने लकड़ी तस्करी कर रहे 10 वाहनों को पकड़ा है, जिसमें खैर और अन्य पेड़ों की लकड़ी लदी पाई गई। बताया जा रहा है कि लकड़ी को पंजाब...
article-image
हिमाचल प्रदेश

विधायक मलेंद्र राजन ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दीणी लाड़थ के मेधावी विद्यार्थियों को किया पुरस्कृत : विद्यार्थी डिजिटल उपकरणों का करें सदुपयोग: मलेंद्र राजन

राकेश शर्मा ,  इंदौरा, 29 दिसंबर। विधायक मलेंद्र राजन ने शुक्रवार को इंदौरा विधानसभा क्षेत्र के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दीणी लाड़थ के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने...
article-image
हिमाचल प्रदेश

बैंक आफ बडौदा ने किया किसान पखवाडे़ का आयोजन

ऊना, 22 अक्तूबर: बैंक आफ बडौदा ने आज बटूही गांव में हमारा किसान, आत्मनिर्भर किसान विषय पर किसान पखवाडे़ का आयोजन किया। यह जानकारी देते हुए बैंक के संयुक्त प्रबंधक मनोज कुमार ने दी।...
Translate »
error: Content is protected !!