हाई कोर्ट ने रेप आरोपी को दे दी बेल : महिला ने शिकायत करने में एक महीने का समय ले लिया

by
एएम नाथ। शिमला : हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई करते हुए रेप आरोपी को जमानत देदी। शख्स पर शादी का झांसा देकर रेप करने का आरोप है। शख्स महिला से डेटिंग ऐप बम्बल के लिए जरिए मिला था।
जस्टिस वीरेंद्र सिंह ने कहा कि आरोपी को अनिश्चित काल के लिए न्यायिक हिरासत में नहीं रखा जा सकता, क्योंकि कानून के तहत मुकदमे से पहले सजा देना प्रतिबंधित है। कोर्ट ने 23 मई कोअपने आदेश में कहा, बम्बल ऐप पर मिलने और उसके बाद धर्मशाला आकर आरोपी के साथ रहने की बात को जमानत पर फैसला करते समय नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पुलिस हिरासत में पूछताछ के लिए मामला बनाने में सक्षम नहीं है।
क्या है मामला? 
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक में बेंगलुरु की रहने वाली एक महिला ने वायुपुत्र अनिरुद्ध थोटापल्ली नाम के शख्सके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी जिसके बाद उसे हिमाचल प्रदेश की पुलिस ने 2 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया। तेलंगाना में जीरो फर्स्ट इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की गई और बाद में उसे धर्मशाला ट्रांसफर कर दिया गया। महिला ने अपनी शिकायत में कहा कि उसने इस उम्मीद में बम्बल ऐप पर प्रोफाइल बनाई थी कि उसे वहां उसका जीवन साथी मिल जाएगा। इस ऐप के जरिए ही फरवरी में उसकी आरोपी से पहचान हुई। वह फरवरी में धर्मशाला अकेले घूमने गई थी। महिला ने आरोप लगाया कि इसी ट्रिप पर आरोपी भी आरोपी भी उसके साथ शामिल हो गया और इसके बाद उसने एयरबीएनबी एकोमोडेशन बुक किया जहां उसने उसका रेप किया।
             महिला ने अपनी शिकायत में कहा, आरोपी ने उसे शराब पीने के लिए मजबूर किया और फिर संबंध बनाने की कोशिश की। जब उसने विरोध किया, तो उसने कथित तौर पर उससे शादी करने का वादा किया। महिला को बाद में पता चला कि वह पहले से ही शादीशुदा है। पुलिस को दिए गए अपने बयान में, महिला ने ये भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उसने प्राइवेट मोमेंट की रिकॉर्डिंग भी की।
कोर्ट ने क्या कहा?
आरोपी को बेल देते हुए कोर्ट ने फैसले में कहा, महिला ने शिकायत करने में एक महीने का समय ले लिया। जमानत याचिका पर फैसला लेते समय इस तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। साथ ही, यह भी कहा गया है कि उनकी मुलाकात डेटिंग ऐप बम्बल के जरिए हुई थी। न्यायालय ने यह भी कहा कि यह परीक्षण के दौरान साबित हो जाएगा कि शारीरिक संबंध सहमति से बने थे या फिर शादी के बहाने शिकायतकर्ता की सहमति ली गई थी। न्यायालय ने कहा, हालांकि, इस तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि अभियोक्ता तेलंगाना से धर्मशाला तक अकेले यात्रा करके आई थी और एक ऐसे व्यक्ति के साथ रुकी थी, जिससे वह पहले कभी नहीं मिली थी, सिवाय बम्बल ऐप पर एक-दूसरे के संपर्क में रहने के।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

बालिका सशक्तिकरण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक – DC मनमोहन शर्मा

एएम नाथ। सोलन : उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि बालिकाओं व महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी होना आवश्यक है। मनमोहन शर्मा आज यहां महिला एवं बाल विकास विभाग सोलन द्वारा आयोजित...
हिमाचल प्रदेश

जिला कोली समाज कार्यकारिणी चुनाव 19 को कुनिहार में

बीबीएन, 9 अप्रैल (तारा) : जिला कोली समाज की कार्यकारिणी के चुनाव आगामी 19 अप्रैल को कुनिहार में स्थित सिंग़ तंदूर रेस्टोरेंट के सभागार में आयोजित किए जाएंगे। यह जानकारी जिला महासचिव जगदेव गर्ग...
article-image
हिमाचल प्रदेश

कोविड में अनाथ हुए बच्चों का मददगार बना जिला प्रशासन

ऊना, 8 सितंबर: कोविड के कारण अनाथ हुए हरोली विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले लोअर बढे़ड़ा निवासी दो नाबालिग बच्चों का जिला प्रशासन ऊना मददगार बन कर सामने आया है। इन बच्चों की...
हिमाचल प्रदेश

सामुदायिक रसोई खोलने पर एक हफ्ते में एसडीएम दें रिपोर्टः एडीसी डॉ. अमित कुमार शर्मा

विभिन्न विभागों के साथ बैठक में बोले अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ऊना, 17 फरवरीः बेघर व्यक्तियों के लिए जिला ऊना में सामुदायिक रसोई खोलने के लिए उपयुक्त स्थान के चयन पर अतिरिक्त...
Translate »
error: Content is protected !!