एएम नाथ। शिमला : हिमाचल प्रदेश में चंडीगढ़ के समीप ‘हिम चंडीगढ़’ नाम से एक विश्वस्तरीय शहर विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य राजधानी क्षेत्र पर बढ़ते दबाव को कम करना, आधुनिक शहरी सुविधाएँ विकसित करना और राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
राज्य सरकार के अनुसार यह नया शहर हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ की सीमा के पास विकसित किया जाएगा, ताकि दोनों क्षेत्रों को समान रूप से लाभ मिल सके। प्रस्तावित ‘हिम चंडीगढ़’ को ग्रीन सिटी, स्मार्ट सिटी और सतत विकास मॉडल के रूप में तैयार किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में चंडीगढ़ के समीप ‘हिम चंडीगढ़’ नाम से एक विश्वस्तरीय शहर विकसित किए जाने की योजना राज्य के शहरी विकास इतिहास में एक बड़ा और दूरगामी कदम मानी जा रही है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य न केवल आधुनिक शहरी ढांचा तैयार करना है, बल्कि प्रदेश की आर्थिक मजबूती, रोजगार सृजन और सुनियोजित विकास को नई दिशा देना भी है।
राज्य सरकार के अनुसार यह नया शहर हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ के समीप विकसित किया जाएगा, ताकि चंडीगढ़ ट्राइसिटी क्षेत्र पर बढ़ते जनसंख्या दबाव को कम किया जा सके।
वर्तमान में चंडीगढ़ और इसके आसपास के क्षेत्रों में आवास, यातायात और बुनियादी सुविधाओं पर अत्यधिक दबाव है। ‘हिम चंडीगढ़’ के विकास से इस दबाव को संतुलित करने में मदद मिलेगी।
‘हिम चंडीगढ़’ को पूरी तरह स्मार्ट सिटी और ग्रीन सिटी की अवधारणा पर विकसित करने की योजना है। इसमें पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी।
शहर में बड़े हरित क्षेत्र, सौर ऊर्जा आधारित बिजली व्यवस्था, वर्षा जल संचयन प्रणाली और ठोस कचरा प्रबंधन की आधुनिक तकनीकें अपनाई जाएंगी। सरकार का उद्देश्य ऐसा शहर विकसित करना है, जो विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन का उदाहरण बने।
इस विश्वस्तरीय शहर के निर्माण से आईटी सेक्टर, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और स्टार्टअप्स के लिए नए अवसर पैदा होंगे। बड़े उद्योग समूहों और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विशेष औद्योगिक और व्यावसायिक ज़ोन विकसित किए जाने की योजना है।
इससे स्थानीय युवाओं को प्रदेश में ही रोजगार के अवसर मिलेंगे और उन्हें बाहर पलायन करने की मजबूरी कम होगी।
‘हिम चंडीगढ़’ में योजनाबद्ध आवासीय कॉलोनियाँ विकसित की जाएंगी, जिनमें किफायती आवास से लेकर आधुनिक सुविधाओं से युक्त रिहायशी क्षेत्र शामिल होंगे।
बेहतर सड़क नेटवर्क, सार्वजनिक परिवहन, शिक्षण संस्थान, अस्पताल, खेल परिसर और सांस्कृतिक केंद्र इस शहर की पहचान होंगे। सरकार का लक्ष्य है कि यह शहर रहने, काम करने और निवेश करने के लिए एक आदर्श मॉडल बने।
सरकार का दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि हिमाचल प्रदेश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए नए शहरी केंद्रों का विकास जरूरी है। ‘हिम चंडीगढ़’ परियोजना इसी सोच का परिणाम है। सरकार का मानना है कि यह शहर आने वाले वर्षों में प्रदेश की आर्थिक रीढ़ बनेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, ‘हिम चंडीगढ़’ न केवल हिमाचल बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एक आधुनिक, सुनियोजित और पर्यावरण अनुकूल शहर का उदाहरण बन सकता है। आने वाले समय में इस परियोजना से जुड़े मास्टर प्लान, भूमि चयन और निवेश नीति को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है।
