नशा तस्करी से जुड़ी 91.24 करोड़ रुपये की संपत्तियां फ्रीज; 37 सरकारी कर्मचारी और पुलिसकर्मी बर्खास्त, सूचना देने पर मिलेगा 10 लाख तक इनाम
एएम नाथ । शिमला। हिमाचल प्रदेश में चिट्टा और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पिछले तीन वर्षों में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के अंतर्गत 5,642 मामले दर्ज किए गए हैं। इस दौरान 8,250 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। नशा तस्करी से अर्जित संपत्तियों पर कार्रवाई करते हुए वर्ष 2024 से 2026 के दौरान 115 मामलों में 91.24 करोड़ रुपये की संपत्तियां फ्रीज करने की प्रक्रिया अपनाई गई। एक सरकारी प्रवक्ता ने रविवार को यह जानकारी दी।
प्रवक्ता के अनुसार, नशा तस्करी के मामलों में 139 सरकारी कर्मचारी भी जांच के दायरे में आए। इनमें राज्य सरकार के 15 कर्मचारी और पुलिस विभाग के 22 कर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है। वहीं, दिसंबर 2025 तक पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत 46 बड़े नशा तस्करों को निरुद्ध किया गया तथा लगभग 46 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियां जब्त किए जाने की जानकारी दी गई।
### नूरपुर में 22.28 करोड़, सोलन में 17.86 करोड़ की संपत्तियों पर कार्रवाई
नशा तस्करी के आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में संपत्तियां फ्रीज करने की कार्रवाई की गई है। प्रवक्ता द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, नूरपुर में 14 मामलों में 22.28 करोड़ रुपये और सोलन में 15 मामलों में 17.86 करोड़ रुपये की संपत्तियों पर कार्रवाई हुई।
शिमला में 16 मामलों में 12.61 करोड़ रुपये तथा ऊना में दो मामलों में 10.98 करोड़ रुपये की संपत्तियां फ्रीज की गईं। सिरमौर में सात मामलों में 8.84 करोड़ रुपये, कांगड़ा में आठ मामलों में 6.24 करोड़ रुपये और मंडी में आठ मामलों में 3.62 करोड़ रुपये की संपत्तियां इस कार्रवाई में शामिल रहीं।
इसी तरह बद्दी में 21 मामलों में 5.12 करोड़ रुपये, बिलासपुर में 19 मामलों में 2.19 करोड़ रुपये तथा देहरा में तीन मामलों में 89.65 लाख रुपये की संपत्तियां फ्रीज की गईं। कुल्लू में दो मामलों में 19.02 लाख रुपये की संपत्तियों पर कार्रवाई की गई।
### 2026 में संपत्तियों पर कार्रवाई में तेजी
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में 12 मामलों के तहत 25.43 करोड़ रुपये, वर्ष 2025 में 27 मामलों में 23.98 करोड़ रुपये और वर्ष 2026 में 76 मामलों में 41.42 करोड़ रुपये की संपत्तियां फ्रीज की गईं। आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में संपत्तियों पर कार्रवाई के मामलों की संख्या पिछले दोनों वर्षों के मुकाबले अधिक रही।
### चिट्टा तस्करी की सूचना देने पर 10 हजार से 10 लाख रुपये तक इनाम
प्रदेश सरकार ने नशा तस्करी के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाने के लिए चिट्टा सूचना पुरस्कार योजना भी शुरू की है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने एक दिसंबर 2025 को धर्मशाला में इस योजना का शुभारंभ किया था। इसके तहत नशा तस्करी से संबंधित विश्वसनीय सूचना देने वालों को 10 हजार से 10 लाख रुपये तक नकद पुरस्कार देने का प्रावधान है।
प्रवक्ता ने बताया कि लोग 112 हेल्पलाइन के माध्यम से सूचना दे सकते हैं। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखने पर भी जोर दिया गया है, ताकि लोग बिना किसी भय के नशा तस्करी से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी पुलिस और संबंधित एजेंसियों तक पहुंचा सकें।
### पंचायत स्तर पर निगरानी और युवाओं को खेलों से जोड़ने की पहल
प्रवक्ता के अनुसार, मार्च 2025 में हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने नशीले पदार्थों की रोकथाम और संगठित अपराध पर नियंत्रण से संबंधित दो विधेयक पारित किए थे। इसके साथ ही सरकार पंचायत स्तर पर निगरानी व्यवस्था मजबूत करने, एंटी-चिट्टा वालंटियर टीमों के गठन और खेल गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रखने की दिशा में भी पहल कर रही है।
सरकार की इन पहलों का उद्देश्य नशा तस्करी पर कार्रवाई के साथ-साथ अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों पर शिकंजा कसना और समाज की भागीदारी से नशे के प्रसार को रोकना है।