अकाली दल-भाजपा गठबंधन की अटकलें तेज : क्या हरसिमरत कौर बादल बन सकती हैं बड़ा चेहरा?

by

अमित शाह के 2027 में एनडीए सरकार बनने के दावे और सुखबीर बादल के समान विचारधारा वाले दलों से गठबंधन के संकेतों के बाद चर्चा तेज; हरसिमरत के नाम पर विचार होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं

चंडीगढ़। पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरणों को लेकर हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार बनने के दावे और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन के लिए तैयार होने संबंधी बयान ने भाजपा और अकाली दल के दोबारा साथ आने की अटकलों को हवा दी है। दोनों दल वर्ष 2020 में कृषि कानूनों के मुद्दे पर अलग हो गए थे। हालांकि, अभी किसी औपचारिक गठबंधन की घोषणा नहीं हुई है।

इसी राजनीतिक चर्चा के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि दोनों दल फिर साथ आते हैं, तो क्या बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल को पंजाब में गठबंधन के प्रमुख राजनीतिक चेहरों में शामिल किया जा सकता है। उनके नाम पर भाजपा में विचार-विमर्श होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन इस संबंध में न तो कोई आधिकारिक पुष्टि सामने आई है और न ही भाजपा या अकाली दल ने ऐसी रणनीति सार्वजनिक की है।

सुखबीर बादल के सामने राजनीतिक चुनौतियां

सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व वाले अकाली दल को पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक और धार्मिक स्तर पर चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। 2 दिसंबर 2024 को श्री अकाल तख्त साहिब ने वर्ष 2007 से 2017 के अकाली शासनकाल के विवादित फैसलों और गलतियों के संदर्भ में सुखबीर बादल तथा कुछ अन्य अकाली नेताओं को धार्मिक कदाचार का दोषी ठहराते हुए धार्मिक दंड सुनाया था। इस घटनाक्रम ने पार्टी के नेतृत्व और राजनीतिक छवि को लेकर बहस तेज की थी।

दूसरी ओर, अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से जुड़े कानूनी मामले भी पार्टी के लिए राजनीतिक चुनौती बने हुए हैं। हालांकि, किसी भी कानूनी मामले में आरोपों और न्यायिक रूप से सिद्ध तथ्यों के बीच अंतर करना जरूरी है।

नशे के मुद्दे पर भाजपा की रणनीति अहम

पंजाब में नशे का मुद्दा आगामी विधानसभा चुनाव के लिए प्रमुख राजनीतिक विषयों में शामिल है। अमित शाह ने 20 अक्टूबर 2026 को पंजाब दौरे के दौरान नशे के खिलाफ अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं के परिवारों से मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा और दिसंबर 2029 तक राज्य को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य दोहराया।

ऐसे में भाजपा के लिए किसी संभावित गठबंधन का राजनीतिक संदेश भी महत्वपूर्ण होगा। यदि अकाली दल के साथ फिर से समझौता होता है, तो दोनों दलों को अपने पुराने मतभेदों, कृषि कानूनों के मुद्दे और पंजाब में नशे सहित अन्य प्रमुख सवालों पर साझा रणनीति स्पष्ट करनी होगी।

हरसिमरत कौर बादल का संसदीय अनुभव

हरसिमरत कौर बादल बठिंडा लोकसभा सीट से 2009, 2014, 2019 और 2024 में चुनाव जीत चुकी हैं। वह केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री भी रह चुकी हैं। सितंबर 2020 में कृषि कानूनों के विरोध में उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था।

उनका संसदीय अनुभव और केंद्र सरकार में काम करने का अनुभव अकाली दल के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, उन्हें पंजाब में गठबंधन का प्रमुख चेहरा बनाने की संभावना फिलहाल राजनीतिक अटकलों तक सीमित है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि पार्टी नेतृत्व इस विकल्प पर औपचारिक रूप से विचार कर रहा है या नहीं।

गठबंधन पर अभी अंतिम फैसला नहीं

सुखबीर सिंह बादल ने समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन की संभावना खुली रखी है, जबकि भाजपा की ओर से भी पंजाब में चुनावी तैयारी को लेकर अलग-अलग बयान सामने आए हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पंजाब भाजपा नेतृत्व ने सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी की बात कही है। इसलिए अमित शाह के बयान और सुखबीर बादल की पेशकश के बावजूद गठबंधन को तय मानना जल्दबाजी होगी।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भाजपा और अकाली दल अपने पुराने मतभेद भुलाकर 2027 के चुनाव में एक साथ उतरेंगे। यदि ऐसा होता है, तो सीटों के बंटवारे, नेतृत्व की भूमिका और प्रमुख राजनीतिक चेहरों को लेकर होने वाली बातचीत पंजाब की चुनावी राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब , समाचार

गढ़शंकर के तेरह वार्डों में 50  उम्मीदवार अब चुनावी मैदान में : वार्ड नंबर 3 में से कांग्रेस के दोनों उम्मीदवारों समेत 10 ने नामांकन पत्र लिए वापिस

चुनाव के लिए सभी पुख्ता प्रबंध कर लिए गए : एसडीएम संजीव कुमार गढ़शंकर।  गढ़शंकर नगर कौंसिल के 13 वार्डों के लिए 61 उम्मदवारो ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। जिनमें से एक का...
article-image
पंजाब , हिमाचल प्रदेश

खुरालगढ़ में बस दुर्घटना में एक महिला की मौत, 3 घायल

गढ़शंकर, 1 दिसंबर : गढ़शंकर के बीत इलाके में तपस्थान श्री खुरालगड़ में दर्शन करने आये श्रद्धालुओं से भरी बस बेकाबू होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में 60 वर्षीय महिला की मौत हो...
article-image
पंजाब , हिमाचल प्रदेश

हरोली में भव्यता से मनाई प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की जयंती : हजारों लोगों ने दी श्रद्धांजलि, गुरदास मान की प्रस्तुति ने बांधा समां

रोहित जसवाल।  ऊना, 29 सितंबर। प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की जयंती पर मंगलवार को प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री राजकीय महाविद्यालय हरोली में भव्य स्मृति एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में सुबह से ही लोगों...
article-image
पंजाब , हिमाचल प्रदेश

मशहूर पंजाबी सिंगर ड्रग तस्करी के मामले पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल

जालंधर: पंजाब के एक मशहूर पंजाबी गायक से जुड़ी सनसनीखेज खबर सामने आई है. फेमस पंजाबी सिंगर शुभम लोधी, जो गाने के बहाने ड्रग्स तस्करी में भी शामिल था, आज पुलिस को चकमा देकर...
Translate »
error: Content is protected !!