अभिजीत दीपके ने कहा था….इस्तीफा दो और विजेता दहिया ने कर दिया था इनकार..दोनों में क्या बात जानिए

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नई दिल्ली :  शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगते हुए एक महीने तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता विजेता दहिया को इस बीच अपनी कुर्सी से भी बहुत मोह हो चुका था।

शायद यही वजह है कि जब सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दहिया से इस्तीफा मांगा तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। दहिया ने कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगे, यदि दीपके चाहें तो खुद निकाल दें। इसके बाद यही हुआ।

20 जुलाई को संसद मार्च के बीच विजेता दहिया के बर्गर खाने को लेकर हुए विवाद के बाद सीजेपी ने उन्हें प्रवक्ता पद से हटा दिया और बकौल दहिया उन्हें आंदोलन में नहीं आने को कहा गया है। दहिया ने एक चैनल से बातचीत में बताया कि निकाले जाने से पहले उनकी अभिजीत दीपके से फोन पर बातचीत हुई थी। दीपके ने उन्हें आंदोलन में आने से रोका और कहा कि अब उनकी जरूरत नहीं है। साथ ही इस्तीफा भी देने को कहा।

दहिया ने कहा, ‘अभिजीत का एकदम से कॉल आया तो मुझे लगा कि वह भी कह रहा होगा कि विजेता भाई आप ठीक तो हो? इस टाइप की वीडियो देखी कि कोई तुम्हें धक्का दे रहा है। अभिजीत ने अचानक से कहा कि विजेता मत आओ, अब आपकी जरूरत नहीं है। एकदम से यह मेरे लिए चौंकाने वाला था कि यह क्या है। खैर कोई बात नहीं। मैंने कहा भी कि अभिजीत यह तो हमें दिख ही रहा है कि ना अंधभक्त ये सब कर रहे हैं, आंदोलन को बदनाम करने के लिए एक महीने से ऐसा कर रहे हैं। तुम्हारी भी वीडियो कचोरी खाते हुए चलाते हैं, लेकिन मैंने तो तुम्हारा इतना बचाव किया। हर प्रोपेगेंडा का जवाब दिया है। अब हम उनके सामने घुटने क्यों टेक रहे हैं?’

इस्तीफा तो नहीं दूंगा, भले ही निकाल दो: दहिया

दहिया ने कहा कि दीपके ने उनके इस्तीफे आंदोलन के हित में बताकर पद छोड़ने को कहा तो उन्होंने इनकार कर दिया। दहिया ने कहा, ‘अभिजीत को लगा कि नहीं विजेता आंदोलन के लिए सही है कि आप इस्तीफा दे तो। तो मैंने कहा कि देखो इस्तीफा तो मैं नहीं दूंगा, ऐसा करो कि तुम ही मुझे निकाल दो, फिर उन्होंने ऐसा ही किया।’ सीजेपी ने संसद मार्च के दौरान दहिया के बर्गर वाले वीडियो का जिक्र करते हुए उनकी आलोचना की और प्रवक्ता पद से हटाने की घोषणा की।

क्या है बर्गर वाला विवाद

दरअसल, सीजेपी की अपील पर 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हजारों लोग जुटे थे। यहां से संसद तक मार्च करने की घोषणा की गई थी। सुबह तक वहां दिखे दहिया बाद में अचानक गायब हो गए। बाद में उनका एक वीडियो सामने आया जिसमें वह एक बर्गर आउटलेट में दिखे। यहां और एक मेट्रो स्टेशन पर कुछ लोगों ने दहिया को घेरा और उनसे सवाल किया कि जब छात्र लाठी खा रहे हैं तो वह यहां क्या कर रहे हैं। दहिया ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उन्हें भूख लगी थी और वह नहाने के लिए घर जा रहे थे।

 

 

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