चंडीगढ़, 5 मई : पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर आरोप लगाया कि उसने अपने विधायकों को दिल्ली ले जाकर हाल ही में भाजपा में शामिल हुए छह राज्यसभा सदस्यों को वापस बुलाने की मांग करके नाटक किया है।
वडिंग ने इस बात पर जोर दिया कि देश में कोई भी कानून निर्वाचित सांसदों को वापस बुलाने की मांग नहीं कर सकता।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और भाजपा में शामिल हुए पंजाब के छह राज्यसभा सदस्यों की सदस्यता रद्द करने की मांग की और साथ ही सदस्यों को वापस बुलाने की अनुमति देने वाले संवैधानिक प्रावधान को लागू करने पर भी जोर दिया।
मान के साथ आम आदमी पार्टी के विधायक भी दिल्ली के लिए रवाना हुए। हालांकि, राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से केवल मान की ही मुलाकात हुई।
यहां पत्रकारों से बातचीत में वडिंग ने कहा कि दिल्ली में विधायकों की “परेड” कराने का कदम “आप के उस नाटक की विशेषता” है जिस पर वह इतने वर्षों से टिकी हुई है।
उन्होंने पूछा, “अपने विधायकों को ले जाने का उद्देश्य क्या है?” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी आम आदमी पार्टी से यह सवाल नहीं कर रहा है कि उसने पंजाब में अपना बहुमत खो दिया है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी द्वारा राष्ट्रपति से भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्यों को वापस बुलाने का आग्रह करने के रुख का कोई कानूनी या संवैधानिक आधार नहीं है।
पीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि एक बार कानून बनाने वाले जनप्रतिनिधि (चाहे वह राज्य विधानसभा, लोकसभा या राज्यसभा के लिए हो) का चुनाव हो जाने के बाद उसे वापस नहीं बुलाया जा सकता, केवल अयोग्य घोषित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी भी यह जानती है, लेकिन फिर भी जनता का ध्यान भटकाने और सुर्खियां बटोरने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में “नाटक” करना चाहती है।
