महोबा : जिला अस्पताल उतर प्रदेश प्रदेश के महोबा जिला अस्पताल से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. जहरीला पदार्थ खाने के बाद इमरजेंसी वार्ड में भर्ती एक 18 वर्षीय युवक से मिलने उसकी परिचित युवती पहुंची।
कुछ ही देर बाद दोनों अस्पताल के बेड पर ऐसी आपत्तिजनक हरकतें करने लगे कि वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए. पूरी घटना वार्ड में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई और अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. मामला उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के कुलपहाड़ कोतवाली क्षेत्र के सेला गांव का है. यहां रहने वाला 18 वर्षीय नवल किशोर जहरीला पदार्थ खाने के बाद गंभीर हालत में जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था. डॉक्टर उसका इलाज कर रहे थे. इसी दौरान उससे मिलने एक युवती अस्पताल पहुंची, जिसे तीमारदार बताया जा रहा है।
इमरजेंसी वार्ड में हुई आपत्तिजनक हरकत
बताया जा रहा है कि युवक और युवती बातचीत करते-करते इतने करीब आ गए कि उन्होंने इमरजेंसी वार्ड में मौजूद अस्पताल के बेड पर ही सार्वजनिक मर्यादा को नजरअंदाज करते हुए आपत्तिजनक हरकतें शुरू कर दीं. उस समय वार्ड में अन्य मरीज, उनके परिजन और अस्पताल का स्टाफ भी मौजूद था. यह सब देखकर वहां मौजूद लोग असहज हो गए और कई लोगों ने इस पर नाराजगी भी जताई।
CCTV में रिकॉर्ड हुई पूरी घटना
वार्ड में लगे CCTV कैमरे में दोनों की पूरी गतिविधि रिकॉर्ड हो गई. बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो सामने आने के बाद जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था, वार्ड की निगरानी और कर्मचारियों की सतर्कता को लेकर कई सवाल उठने लगे. लोग यह जानना चाह रहे हैं कि इमरजेंसी वार्ड जैसे संवेदनशील स्थान पर ऐसी घटना कैसे हो गई और समय रहते किसी ने हस्तक्षेप क्यों नहीं किया।
डॉक्टर ने क्या कहा?
मामले को लेकर ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर दीपक ने बताया कि जैसे ही घटना की जानकारी मिली, तुरंत सुरक्षा गार्डों को मौके पर भेजा गया. उन्होंने बताया कि युवक जहरीला पदार्थ खाने के कारण भर्ती था, इसलिए उसकी हालत को देखते हुए उसे तत्काल अस्पताल से बाहर नहीं किया जा सकता था. शुरुआती इलाज पूरा होने के बाद मरीज को दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया और उसकी निगरानी के लिए सुरक्षा गार्ड तैनात कर दिए गए।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. लोगों का कहना है कि इमरजेंसी वार्ड जैसे स्थान पर सुरक्षा और निगरानी पहले से ज्यादा सख्त होनी चाहिए, ताकि मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल के माहौल पर किसी तरह का प्रतिकूल असर न पड़े. फिलहाल वायरल वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है।
