एएम नाथ। चंबा : ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में सस्ती व सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एम-स्वस्थ ने आज चंबा में अपने नए ई-क्लिनिक का शुभारंभ किया। इस अवसर पर आयोजित उद्घाटन समारोह में स्थानीय लोगों का उत्साह देखने लायक रहा। गणमान्य व्यक्तियों ने भी उपस्थित होकर इस पहल की सराहना की।
ई-क्लिनिक का विधिवत उद्घाटन हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री विजय अग्रवाल जी द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है और एम-स्वस्थ की यह पहल आम जनता के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगी।
चंबा में एम स्वस्थ के ई क्लिनिक के शुभारंभ पर HPGB चंबा के मार्केटिंग हेड ललन सहित HPGB मंगला शाखा प्रबंधक संदीप डोगरा जी, डीयूर शाखा प्रबंधक श्री देवेन्द्र चौहान जी, पुखरी शाखा प्रबंधक राजिंदर जी, भाद्रम शाखा प्रबंधक श्री अभिषेक शर्मा, करियां शाखा प्रबंधक शमा मिर्जा, hpgb शाखा प्रबंधक चंबा श्री मंजीत सिंह ने भी M Swasth की इस सेवा को जनहित के लिए फायदेमंद बताया ओर जनता से अपील की कि वो HPGB की बैंक शाखाओं से ज्यादा से ज्यादा जुड़ कर इस योजना का लाभ उठाएं।
इस मौके पर एम-स्वस्थ की ओर से अमन कुमार, श्री राजेश कुमार तथा नर्स साक्षी ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान लोगों को ई-क्लिनिक की कार्यप्रणाली, उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और डिजिटल परामर्श सेवाओं की जानकारी दी गई।
गौरतलब है कि एम-स्वस्थ हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक और कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक (KCCB) के साथ साझेदारी में कार्य कर रहा है। इन साझेदार बैंकों के सहयोग से एम-स्वस्थ ग्रामीण व दुर्गम पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को कम लागत पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है, जिससे उन्हें इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों में जाने की आवश्यकता न पड़े।
एम-स्वस्थ के प्रतिनिधि श्री राजेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि संगठन का लक्ष्य हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक में चरणबद्ध तरीके से ऐसे ई-क्लिनिक स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि एम-स्वस्थ का उद्देश्य है कि हर नागरिक को उसके घर के नजदीक ही बेहतर, भरोसेमंद और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
स्थानीय लोगों ने भी एम-स्वस्थ की इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।
