एलआईसी कार्यालय में आग लगने से मैनेजर की मौत का मामला हादसा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी हत्या थी। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में साथ काम करने वाले एक अधिकारी को गिरफ्तार किया है।
आरोपी ने अपने घोटाले को छिपाने के लिए महिला मैनेजर को जिंदा जला दिया। मरने से पहले महिला ने अपने बेटे को फोन किया था, जिसने इस पूरे राज से पर्दा उठा दिया।
दस्तावेजों में मिली थी गड़बड़ी : पुलिस के अनुसार, 55 वर्षीय कल्याणी नंबी वरिष्ठ शाखा प्रबंधक थीं। उन्होंने हाल ही में नया कार्यभार संभाला था। जांच के दौरान उन्हें सहायक प्रशासनिक अधिकारी राम के दस्तावेजों में अनियमितताएं मिलीं। कल्याणी ने इसकी गहन जांच शुरू कर दी। इससे राम बुरी तरह घबरा गया। वह अपने खिलाफ सबूत मिटाना चाहता था। उसने दस्तावेजों को जलाने की योजना बनाई।
घटना वाली रात राम दस्तावेजों पर पेट्रोल छिड़क रहा था। तभी कल्याणी नंबी ने उसे देख लिया। कल्याणी ने तुरंत अपने बेटे को फोन लगाने की कोशिश की। यह देखकर राम ने उन पर भी पेट्रोल डाल दिया। उसने कल्याणी को उसी कमरे में धक्का दे दिया जहां दस्तावेज जल रहे थे। इसके बाद आरोपी ने बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। आग में जलने से मैनेजर की दर्दनाक मौत हो गई।
कल्याणी के बेटे लक्ष्मी नारायणन ने पुलिस को अहम सुराग दिया। घटना से ठीक पहले कल्याणी ने बेटे को घबराहट में फोन किया था। उन्होंने बेटे से तुरंत पुलिस को खबर करने को कहा था। बेटे की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले। आरोपी राम के पैर में भी जलने के निशान थे। सख्ती से पूछताछ करने पर राम ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
