चंडीगढ़: पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच चल रही खींचतान के बीच अब पटियाला से कांग्रेस सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी के बयान ने पार्टी के लिए नई राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है।
डॉ. धर्मवीर गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पंजाब सरकार की ओर से आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों और धार्मिक यात्राओं पर खर्च किए जा रहे सरकारी धन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके टैक्स का पैसा धार्मिक आयोजनों या यात्राओं पर खर्च करने के बजाय बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी ढांचे पर खर्च किया जाना चाहिए।
‘मैं टैक्स राज्य के लोगों के लिए देता हूं’
डॉ. गांधी ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा कि उनका परिवार दिन-रात मेहनत करके टैक्स इसलिए भरता है ताकि उस पैसे का इस्तेमाल राज्य के लोगों को बेहतर इलाज, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में किया जाए।
उन्होंने लिखा कि उनके टैक्स के पैसे को ‘एक शाम, शिव के नाम’, ‘हमारे राम’, नए मंदिरों के निर्माण, श्री खाटू श्याम, सालासर, हरिद्वार, ऋषिकेश, मथुरा, वृंदावन और श्री हजूर साहिब जैसी धार्मिक यात्राओं या अन्य धार्मिक आयोजनों पर खर्च नहीं किया जाना चाहिए।
धर्म को सरकारी सरपरस्ती देने पर भी उठाया सवाल
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि धर्म प्रत्येक व्यक्ति की निजी आस्था का विषय है। उनके मुताबिक, राज्य की ओर से किसी एक धर्म या दूसरे धर्म को किसी भी प्रकार की हौसलाअफजाई या सरपरस्ती देना भारतीय संविधान की भावना के खिलाफ है।
उन्होंने आशंका जताई कि सरकारी स्तर पर धार्मिक आयोजनों को बढ़ावा देने से विभिन्न समुदायों के बीच भेदभाव और विभाजन की स्थिति पैदा हो सकती है तथा इससे सांप्रदायिकता को बढ़ावा मिलने का खतरा रहता है।
AAP ने किया पलटवार
डॉ. गांधी के बयान पर आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। AAP प्रवक्ता नील गर्ग ने कहा कि सरकारी धन के इस्तेमाल पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन लोगों की आस्था को ‘मुफ्तखोरी’ या ‘आडंबर’ जैसे शब्दों से संबोधित कर उसका अपमान नहीं किया जाना चाहिए।
नील गर्ग ने कांग्रेस से डॉ. धर्मवीर गांधी के बयान पर अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस सांसद के बयान से पार्टी सहमत है या कांग्रेस इससे खुद को अलग करती है।
2027 से पहले कांग्रेस के सामने नई चुनौती
पंजाब कांग्रेस पहले ही आंतरिक गुटबाजी को लेकर विपक्ष के निशाने पर है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच मतभेदों को लेकर पार्टी में लगातार चर्चा बनी हुई है। ऐसे में डॉ. धर्मवीर गांधी का बयान सामने आने के बाद कांग्रेस के सामने एक और राजनीतिक मुद्दा खड़ा हो गया है।
अब देखना होगा कि पंजाब कांग्रेस इस बयान पर क्या रुख अपनाती है और क्या पार्टी नेतृत्व डॉ. गांधी के बयान का समर्थन करता है या इससे दूरी बनाता है। दूसरी ओर, AAP इस मुद्दे को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाने की कोशिश करती नजर आ रही है।
