कारगिल विजय दिवस पर ऊना वासियों का अमर बलिदानियों को सलाम : जिला स्तरीय कार्यक्रम में शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित

by
रोहित जसवाल । ऊना, 26 जुलाई. कारगिल विजय दिवस की 26वीं वर्षगांठ पर जिला स्तरीय कार्यक्रम एमसी ऊना के शहीद स्मारक में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि उपायुक्त जतिन लाल तथा विशेष अतिथि के रूप में शहीद कैप्टन अमोल कालिया के पिता सतपाल कालिया और शहीद राइफलमैन मनोहर लाल के भाई यशपाल ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर सपूतों को श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक अमित यादव, सहायक आयुक्त वरिंद्र शर्मा, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त मनोज कुमार, जिला सैनिक कल्याण विभाग के उपनिदेशक (रि.) कर्नल एस.के. कालिया, (रि.) कर्नल डी.पी. वशिष्ठ, (रि.) कर्नल केबी शर्मा, पूर्व सैनिक लीग के अध्यक्ष (रि.) कैप्टन शक्ति चंद सहित पूर्व सैनिकों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।
शहीदों के योगदान को सदैव स्मरण रखें : जतिन लाल
इस अवसर पर उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि कारगिल युद्ध जैसी वीरता की मिसाल दुनिया में दुर्लभ है। भीषण ठंड और विपरीत परिस्थितियों के बीच हमारे सैनिकों ने शौर्य और साहस का परिचय देते हुए विजय हासिल की। उनका यह बलिदान देश कभी नहीं भूल पाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए कारगिल युद्ध में भारतीय सेना का अदम्य साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शहीदों से प्रेरणा लेकर देश सेवा का संकल्प लें, शारीरिक फिटनेस पर ध्यान दें और नशे से दूर रहें।
May be an image of 7 people and text
कार्यक्रम के उपरांत उपायुक्त ने डीआरडीए सभागार में पूर्व सैनिकों की चाय पर मेजबानी की। इस दौरान पूर्व सैनिकों ने उन्हें अपनी विविध मांगों से अवगत कराया। उपायुक्त ने उनकी सभी मांगों को गौर से सुना तथा तत्काल उनको पूरा करने को लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
भारतीय सेना के शौर्य की अमर गाथा है कारगिल युद्ध
कारगिल का युद्ध 25 मई 1999 से 26 जुलाई 1999 तक चला। इस युद्ध में भारतीय सेना के सामने पाकिस्तानी सेना की करारी शिकस्त हुई थी। 25 जुलाई 1999 तक भारतीय सेना ने अपनी सभी चौकियों और मोर्चों पर पुनः कब्ज़ा जमा लिया था और 26 जुलाई को युद्धविराम के साथ विजय की घोषणा हुई। तभी से हर वर्ष 26 जुलाई को विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है।
May be an image of 4 people and people studying
इस युद्ध में हिमाचल प्रदेश के 52 वीर सपूतों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। इनमें ऊना जिले के दो वीर सैनिक कैप्टन अमोल कालिया और राइफलमैन मनोहर लाल भी शामिल थे। उनके अदम्य साहस को देश सदैव स्मरण करता रहेगा।
कारगिल युद्ध में चार परमवीर चक्र प्रदान किए गए थे। इन चार में से दो परमवीर चक्र प्रदेश के ही शूरवीरों को मिले, शहीद कैप्टन विक्रम बतरा (मरणोपरांत) और सूबेदार मेजर (तत्कालीन सिपाही) संजय कुमार। इन रणबांकुरों की शौर्यगाथा पर सम्पूर्ण देश और प्रदेश को गर्व है।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

स्वास्थ्य विभाग को मिली अल्ट्रापोर्टेबल हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन : डॉ. विपिन ठाकुर

एएम नाथ। चम्बा :   मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विपिन ठाकुर ने आज यहां जानकारी देते हुए बताया कि निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग को एक अल्ट्रापोर्टेबल हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन...
article-image
हिमाचल प्रदेश

प्रदेश सरकार युवाओं को घरद्वार के नजदीक स्वरोजगार के साधन उपलब्ध करवाने के लिये प्रयासरत : मलेंद्र राजन

इंदौरा 24 नवंबर। प्रदेश सरकार बेरोजगार युवाओं को घरद्वार के नजदीक स्वरोजगार के बेहतर साधन उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत है ताकि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा सके। यह बात विधायक मलेंद्र...
article-image
हिमाचल प्रदेश

युवा कांग्रेस अध्यक्ष सुनाभ सिंह पठानिया ने जतूण गांव में लोगों को हुए नुकसान का लिया जायजा

ग्रामीणों को हर संभव मदद करने का दिलवाया भरोसा एएम नाथ। चम्बा :  जिला चंबा युवा कांग्रेस के अध्यक्ष श्री सुनाभ सिंह पठानिया जी ने मंगलवार को भटियात विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जतूण गांव...
article-image
हिमाचल प्रदेश

चकमोह कालेज में आयोजित किया गया जिला स्तरीय जागरुकता शिविर : मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता का रखें विशेष ध्यान’ – जिला कार्यकम अधिकारी अनिल कुमार

बिझड़ी 29 दिसंबर। महिला एवं बाल विकास विभाग की ‘वो दिन’ योजना के तहत शुक्रवार को बाबा बालक नाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय चकमोह में मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर जिला स्तरीय जागरुकता शिविर का आयोजन...
Translate »
error: Content is protected !!