गढ़शंकर, 1 सितंबर : बब्बर अकाली मेमोरियल खालसा कॉलेज गढ़शंकर में पंजाबी विभाग की ओर से प्रिंसिपल डॉ. अमनदीप हीरा के नेतृत्व में प्रसिद्ध पंजाबी साहित्यकार, कवयित्री एवं उपन्यासकार अमृता प्रीतम के जन्मदिवस को समर्पित ‘अमृता साहित्य संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को अमृता प्रीतम के जीवन, साहित्यिक रचनाओं और पंजाबी साहित्य में उनके महत्वपूर्ण योगदान से परिचित करवाने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम के दौरान पंजाबी विभागाध्यक्ष डॉ. नवजोत कौर ने अमृता प्रीतम के जीवन, रचनाओं एवं साहित्यिक योगदान संबंधी विस्तारपूर्वक जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि अमृता प्रीतम ने अपनी लेखनी के माध्यम से महिला के आंतरिक संसार, उसकी पीड़ा, संघर्ष और सपनों को बेबाकी से अभिव्यक्त किया तथा पंजाबी साहित्य को नई संवेदना प्रदान की। प्रिंसिपल डॉ. अमनदीप हीरा ने पंजाबी विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि अमृता प्रीतम केवल एक प्रसिद्ध कवयित्री ही नहीं, बल्कि बहुआयामी साहित्यकार और अपने समय से आगे की सोच रखने वाली शख्सियत थीं। उन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से महिलाओं के अधिकार, भावनाओं और अस्तित्व की बात की। इसके साथ ही उन्होंने 1947 के विभाजन के दर्द और मानवीय त्रासदी को भी अपनी रचनाओं में बेहद संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अमृता प्रीतम की रचनाएं पढ़ने तथा उनकी सोच से प्रेरणा लेकर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर छात्राओं जसप्रीत कौर, राजविंदर कौर और अंजली ने अपनी रचनाओं के माध्यम से अमृता प्रीतम के व्यक्तित्व एवं उनकी रचनाओं से जुड़े विचार साझा किए। कार्यक्रम का मंच संचालन करते हुए प्रो. सौरव दादरी ने अमृता प्रीतम के जीवन एवं साहित्य के विभिन्न पहलुओं पर विचार रखे। अंत में डॉ. कंवलजीत कौर ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए प्रिंसिपल डॉ. अमनदीप हीरा का साहित्य के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रो. लखविंदरजीत कौर, प्रो. प्रियंका सहित अन्य स्टाफ सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
