गढ़शंकर, 24 मई : पंजाब एवं केंद्र सरकार की मुलाजिम और पेंशनर विरोधी नीतियों के खिलाफ तथा पंजाब सरकार द्वारा कर्मचारियों और पेंशनरों की जायज मांगों के प्रति अपनाए जा रहे गैर-जिम्मेदाराना रवैये के विरोध में पंजाब मुलाजिम एवं पेंशनर सांझा फ्रंट के आह्वान पर आज गढ़शंकर में रोष रैली और मार्च निकाला गया।
मुलाजिमों और पेंशनरों ने मक्खन सिंह वाहिदपुरी, सतपाल मिन्हास, बलवंत राम, विनोद कुमार, पवन कुमार गढ़ी और बलवीर खानपुरी की अगुवाई में गांधी पार्क में रोष रैली आयोजित की। इसके बाद शहर के विभिन्न वार्डों में रोष मार्च निकालते हुए सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई।
इस अवसर पर शाम सुंदर कपूर, जीत बगवाई, हरजिंदर सूनी, गुरनाम हाजीपुर और नरेश भम्मियां ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने विधानसभा चुनावों के दौरान मुलाजिमों और पेंशनरों से किए गए वादों को पूरा नहीं किया, जिससे कर्मचारियों और पेंशनरों में भारी रोष है। उन्होंने आरोप लगाया कि संघर्षों और रैलियों के बावजूद मुख्यमंत्री ने उनकी मांगें सुनने की बजाय लाठीचार्ज और आंसू गैस जैसे कदम उठाए, जिससे कर्मचारियों में सरकार के प्रति गुस्सा और बढ़ा है।
आगुओं ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा डीए जारी करने के आदेशों के बावजूद पंजाब सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों को उनका हक देने में टालमटोल कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उच्च अधिकारियों को पूरा डीए दिया जा रहा है, जबकि कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। साथ ही पेंशनरों पर छठा वेतन आयोग भी पूरी तरह लागू नहीं किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि सरकार के इस रवैये को वे घर-घर जाकर उजागर करेंगे और अपनी मांगों को लेकर संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
उन्होंने मांग की कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए, डीए की बकाया किस्तें तुरंत नकद जारी की जाएं, कोर्ट के फैसले को लागू किया जाए, पेंशनरों पर 2.59 का गुणांक लागू किया जाए, मान भत्ता कर्मियों पर न्यूनतम वेतन लागू किया जाए, खाली पदों को भरा जाए तथा महंगाई पर रोक लगाई जाए।
इस मौके पर पवन गोयल, राज कुमार, जगदीश पक्खोवाल, रमन कुमार, गोपी राम, हरभजन सिंह, जसविंदर सिंह, हंस राज, जोगिंदर हीर, ज्ञानी अवतार सिंह, रतन सिंह, शिंगारा राम, गुरदीप बेदी, गुरनीत सिंह, सतपाल सिंह, जोगिंदर ढाहां, रमेश कुमार और सतनाम सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी और पेंशनर उपस्थित थे।
