पुराने टायरों के ढेर से कबाड़ बना एचआरटीसी वर्कशॉप, जय सिंह ने खोली सरकार की पोल
एएम नाथ। चंबा : मिंजर मेले के बहाने चंबा पहुंचकर जनता का स्वागत स्वीकार करने के बाद अब कांग्रेस नेताओं का सवालों से बचकर निकलने का सिलसिला अधिक देर नहीं चलेगा। यह बात भाजपा नेता जय सिंह ने रविवार को पोल खोल अभियान के तहत परिवहन निगम वर्कशॉप का ग्राउंड निरीक्षण करने के बाद कही। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार विकास के नाम पर शून्य साबित हो रही है और चंबा की परिवहन व्यवस्था इसकी जीती-जागती तस्वीर है।
जय सिंह ने कहा कि मिंजर मेले के दौरान मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का चंबा पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया, लेकिन जनता की मूलभूत समस्याओं और एचआरटीसी की बदहाल व्यवस्था पर कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि परिवहन निगम का विभाग उपमुख्यमंत्री के पास है, बावजूद इसके चंबा में बसों और कर्मचारियों की भारी कमी बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि चंबा के लिए दो लॉट में नई बसें उपलब्ध करवाने की बात कही गई है। यदि 15 अगस्त तक चंबा के लिए नई बसों की व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले समय में कांग्रेस नेताओं का काले झंडों के साथ जोरदार विरोध किया जाएगा।
जय सिंह ने कहा कि बसों के लगातार खराब होने, मैकेनिकल स्टाफ और कलपुर्जों की कमी के चलते निगम की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पहले चंबा में करीब 202 रूटों पर बसें संचालित होती थीं, लेकिन बसों की कमी के कारण अब केवल करीब 115 से 120 रूट ही सुचारू रूप से चल पा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इन रूटों को व्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए करीब 222 मैकेनिकल कर्मचारियों की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में महज 49 कर्मचारी ही व्यवस्था संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी कर्मचारी के बीमार पड़ने या आपातकालीन अवकाश पर जाने से स्थिति और गंभीर हो जाती है। कई बार कर्मचारियों को अपने जरूरी घरेलू कार्य छोड़कर ड्यूटी पर पहुंचना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि इतने बड़े बस बेड़े की जिम्मेदारी महज एक हेड मैकेनिक के सहारे है। इसके अलावा 17 जूनियर टेक्निकल कर्मचारियों समेत अन्य स्टाफ से काम चलाया जा रहा है। 32 चालक और 32 परिचालकों के पद खाली पड़े हैं। वहीं पूरे बस बेड़े के लिए केवल तीन टायरमैन उपलब्ध हैं।

ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान जय सिंह ने वर्कशॉप परिसर की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुराने टायरों के ढेर के कारण पूरा परिसर कबाड़ में तबदील हो चुका है और जगह-जगह गंदगी पसरी हुई है। उन्होंने कहा कि जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों के लिए केवल एक चंबा डिपो पर निर्भरता परिवहन व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
जय सिंह ने कहा कि वर्ष 1999 में चुवाड़ी में सब-डिपो खोलने की घोषणा आज तक पूरी नहीं हुई। इसके कारण लोगों को लुधियाना, जम्मू और दिल्ली जैसे बड़े शहरों के लिए पठानकोट से बस पकड़नी पड़ती है। उन्होंने कहा कि यदि चंबा में एक और डिपो खोला जाता है तो बसों की उपलब्धता बढ़ेगी और जिले की परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी।
