दुकानों या अन्य अतिरिक्त रास्तों से मंदिर परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
रोहित जसवाल। अम्ब (ऊना), 18 अगस्त। श्रावण अष्टमी मेलों के दौरान माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुचारू आवाजाही और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगा दी है। एसडीएम अम्ब पारस अग्रवाल ने हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम, 2007 की धारा 112 के तहत आदेश जारी किए हैं।
आदेश के अनुसार कोई भी श्रद्धालु मंदिर के समीप स्थित किसी दुकान अथवा मंदिर के रास्ते से सटे किसी अन्य अनधिकृत या अतिरिक्त प्रवेश द्वार से मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा। श्रद्धालुओं को केवल निर्धारित प्रवेश और निकास मार्गों का इस्तेमाल करना होगा। इसके साथ ही निर्धारित कतार व्यवस्था तथा पुलिस और मंदिर प्रशासन के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।
अनधिकृत प्रवेश द्वारों की होगी पहचान और सीलिंग
प्रशासन ने पुलिस को मंदिर के आसपास मौजूद ऐसे सभी अनधिकृत बैकडोर या सेकेंडरी प्रवेश द्वारों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं, जिनका इस्तेमाल दुकानदारों या अन्य लोगों द्वारा श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में प्रवेश करवाने के लिए किया जा रहा है।
ऐसे प्रवेश द्वारों की पहचान होने के बाद संबंधित परिसर का विधिवत सत्यापन किया जाएगा और इसके उपरांत अनधिकृत प्रवेश द्वारों को तत्काल सील किया जाएगा। यह कार्रवाई मंदिर अधिकारी, नायब तहसीलदार-कम-कार्यकारी मजिस्ट्रेट और संबंधित सेक्टर मजिस्ट्रेट की मौजूदगी एवं सहायता से की जाएगी।
भीड़ और अव्यवस्था की आशंका के चलते फैसला
प्रशासन के अनुसार श्रावण अष्टमी मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु चिंतपूर्णी मंदिर पहुंचते हैं। ऐसे में निर्धारित प्रवेश और निकास मार्गों पर पैदल आवाजाही का अत्यधिक दबाव रहता है। मंदिर के आसपास स्थित कुछ दुकानों में अतिरिक्त प्रवेश द्वार या खुले रास्ते होने की जानकारी सामने आई है, जिनके जरिए श्रद्धालु कतार व्यवस्था को दरकिनार कर सीधे मंदिर परिसर में पहुंच सकते हैं।
आदेश में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो का भी उल्लेख किया गया है। इसमें मंदिर परिसर से सटी एक दुकान के माध्यम से श्रद्धालुओं को सीधे मंदिर परिसर में प्रवेश करवाते हुए देखा गया। प्रशासन ने इसे भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती माना है।
अनधिकृत रास्तों से अनियंत्रित प्रवेश के कारण भीड़ और अव्यवस्था पैदा होने के साथ-साथ निर्धारित कतार व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इससे सार्वजनिक सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी परेशानी उत्पन्न होने की आशंका है।
श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील
एसडीएम पारस अग्रवाल ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल निर्धारित प्रवेश और निकास मार्गों का इस्तेमाल करें तथा कतार व्यवस्था का पालन करें। उन्होंने श्रद्धालुओं से किसी भी अनधिकृत रास्ते अथवा दुकान के माध्यम से मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा निर्धारित व्यवस्थाओं का पालन करने से श्रावण अष्टमी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित और सुचारू बनाए रखने में मदद मिलेगी।
यह आदेश 22 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लागू कानून के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
