जंगली जानवरों का रिहायशी इलाकों में दाखिल होना मानव जीवन व वातावरण के लिए खतरनाक, जंगलों की तरफ बड़ रहें लोग और जंगली जानवर रिहायशी इलाकों की तरफ:अमन

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नंगल, भास्कर न्यूज-जंगली जानवर इस कड़ाके की सर्दी में भटकते हुए रिहायशी इलाकों में दाखिल हो रहे है और नहरों में गिर रहें है।  इसी के चलते एक सांबर भटकते हुए एमपी की कोठी के पास घूमता दिखाई दिया जो नहर में गिर गया।  अमन राणा ने बताया  एक सांबर सुबह के समय एम पी कोठी के पास नहर में गिर गया।  लोगों ने बड़ी मुश्क्त के साथ उस सांबर को नहर से निकाला। जो घबराकर इधर उधर घूमते हुए नहर किनारे झाड़ियों में चला गया। अमन ने कहा के नंगल में आम देखने को मिलता है के जंगली जानवर रिहायशी इलाकों में घूमते हैं। जंगलों की हो रही कटाई  के कारण यह जानवर इधर उधर भटकते है। बड़ रही आबादी के कारण इंसान ने जंगलों की तरफ रुख कर लिया है और जानवरों ने इंसानी आबादी की तरफ। जो बजुर्ग लोग है वह बताते है के पहले यहां जंगल और खेत थे आज वहां पर आलीशान मकान बने हुए है। यहां जानबरों के रहने वाले जंगल खत्म हो रहें है। वहीं जो थोड़े बहुत जंगल बचे है वहां इन जानबरों के खाने के लिए कुछ नही है। जिसके चलते यह जानबर रिहायशी इलाकों में घुस रहें है। इस लिए हम सब को जानबरों के प्रति हमदर्दी रखनी चाहिए और जंगलों को बचाना चाहिए। अगर जंगल खत्म हो गए तो जानबरों ओर मानव जीवन के लिए तो खतरा पैदा होगा।साथ में वातावरण को भी भयानक नुकसान पहुंचे गा जो सबसे खतरनाक होगा। अगर इंसान चाहता है के उसे इन समस्याओं का सामना न करना पड़े,तो उसे अपनी रिहायसी जरूरतों पर काबू पाना होगा। वह तभी होगा अगर इंसान की तीन पीड़याँ एक ही मकान में ही अपना जीवन व्यतीत करे।
फ़ोटो – नहर से निकाले जाने के बाद सांबर।
फ़ोटो-  समाज सेवी अमन राणा की
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