एएम नाथ। शिमला। भारतीय जनगणना 2027 के दूसरे चरण को लेकर दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का दूसरा बैच वीरवार को बचत भवन में शुरू हुआ। कार्यक्रम में जनगणना निदेशालय की निदेशक दीपशिखा शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
दीपशिखा शर्मा ने बताया कि जनगणना के दूसरे चरण में करीब 40 प्रश्नों के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी एकत्रित की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया केवल जनसंख्या की संख्या निर्धारित करने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि देश की सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक, रोजगार, प्रवास, पारिवारिक और नागरिक स्थिति का विस्तृत आंकड़ा तैयार करने पर केंद्रित होगी।
उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े भविष्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, आवास, कौशल विकास और विभिन्न सरकारी योजनाओं की बेहतर योजना बनाने और लाभार्थियों तक सुविधाएं पहुंचाने में उपयोगी होंगे।
सही जानकारी उपलब्ध करवाना जरूरी
जनगणना निदेशक ने कहा कि जनगणना कार्य के दौरान नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी सही और पूर्ण होनी चाहिए। जिला स्तर पर अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, निर्धारित मानकों तथा डिजिटल माध्यम से आंकड़े संकलित करने के संबंध में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
शिमला में आयोजित जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त अनुपम कश्यप ने की। इसमें जिला, उपमंडल और तहसील स्तर के अधिकारियों ने भाग लिया।
1 से 30 सितंबर तक होगा दूसरा चरणहिमाचल प्रदेश में जनगणना-2027 का दूसरा चरण 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 1 से 5 अक्टूबर 2026 तक पुनरीक्षण चरण यानी Revisional Round होगा।
राज्य में यह समय-सारिणी हिमाचल की भौगोलिक एवं मौसम संबंधी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए निर्धारित की गई है। दूसरे चरण के दौरान प्रगणक घर-घर जाकर प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित निर्धारित जानकारी एकत्रित करेंगे।
17 अगस्त से Self-Enumeration की सुविधानागरिकों को 17 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन Self-Enumeration की सुविधा उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। इसके तहत व्यक्ति या परिवार निर्धारित वेब पोर्टल के माध्यम से अपनी जनगणना संबंधी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे।
जनगणना कर्मियों को सही जानकारी दें: अनुपम कश्यपउपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि जनगणना ड्यूटी में तैनात फील्ड स्टाफ अपने चार्ज ऑफिसर को प्रतिदिन कार्य की प्रगति और सामने आ रही चुनौतियों की जानकारी देगा। इसकी एक प्रति जिला राजस्व अधिकारी को भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की कि जब जनगणना कर्मी उनके घर पहुंचें तो उन्हें सही, पूर्ण और आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाएं। साथ ही परिवार और मकान से संबंधित विवरण सही तरीके से दर्ज करवाना सुनिश्चित करें।
किन विषयों से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे?जनसंख्या गणना के दौरान लोगों से विभिन्न सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, पारिवारिक, प्रवास और पहचान संबंधी जानकारी ली जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से—
व्यक्तिगत एवं पारिवारिक जानकारी: नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्म तिथि, आयु, वैवाहिक स्थिति, पति/पत्नी का नाम, राष्ट्रीयता, धर्म तथा SC/ST संबंधी जानकारी।
शिक्षा और भाषा: दिव्यांगता, मातृभाषा, अन्य ज्ञात भाषाएं, साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, शैक्षणिक संस्थान में अध्ययन और उच्चतम शैक्षणिक योग्यता।
रोजगार एवं आर्थिक गतिविधि: पिछले एक वर्ष में काम की स्थिति, व्यवसाय, उद्योग/व्यापार/सेवा का प्रकार, काम की श्रेणी, रोजगार की तलाश और काम करने की उपलब्धता से संबंधित जानकारी।
प्रवास एवं आवागमन: जन्म स्थान, अंतिम निवास स्थान, वर्तमान स्थान पर प्रवास का कारण, रहने की अवधि, कार्यस्थल तक आवागमन और स्थायी आवासीय पते से संबंधित विवरण।
महिलाओं एवं बच्चों से जुड़ी जानकारी: जीवित बच्चों की संख्या, जीवन में कभी जन्मे बच्चों की संख्या और पिछले एक वर्ष में हुए जीवित जन्मों से संबंधित जानकारी।
अन्य विवरण: उपलब्ध दस्तावेज के अनुसार बैंक खाते, मोबाइल नंबर तथा कुछ पहचान संबंधी विवरणों से जुड़े प्रश्न भी प्रश्नावली में शामिल हैं।

अधिकारी रहे मौजूदप्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा, जिला राजस्व अधिकारी शिवानी भारद्वाज, ऑफिस कानूनगो सदर ओम प्रकाश सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नागरिकों से सहयोग की अपीलजनगणना देश की नीतियों और विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करती है। ऐसे में प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जनगणना कर्मियों के घर पहुंचने पर आवश्यक जानकारी सही और स्पष्ट रूप से उपलब्ध करवाएं, ताकि जनगणना के आंकड़े अधिक सटीक और उपयोगी हो सकें।
