जिला में नदी, नालों के तटीकरण तथा भूस्खलन से मार्गों की सुरक्षा की तैयारी : आपदा की दृष्टि से मौजूदा संरचनाओं का होगा पुनः सुदृढ़ीकरण: डीसी

by

जल शक्ति, लोक निर्माण, वन विभाग को दिए डीपीआर तैयार के निर्देश

धर्मशाला, 14 जुलाई। आपदा की दृष्टि से मौजूदा सरंचनाओं का पुनः सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया जाएगा इस के लिए लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, वन विभाग, नगर निकायों को आवश्यक प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस बाबत शुक्रवार को डीसी कार्यालय के सभागर में उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने आपदा प्रबंधन को लेकर आवश्यक बैठक भी आयोजित की गई। इसमें कांगड़ा जिला में आपदा की दृष्टि से बाढ़, भूस्खलन से सड़कों, पेयजल योजनाओं तथा आवासीय क्षेत्रों को होने वाले नुक्सान से बचाने के लिए आवश्यक प्रोजेक्ट तैयार करने पर विशेष चर्चा की गई।
30 जुलाई से पहले डीपीआर तैयार के दिए निर्देश
उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि उपमंडल स्तर पर लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, वन विभाग तथा स्थानीय नगर निकायों के अधिकारी आवश्यक बैठक आयोजित करें जिसमें आपदा से बचाव के लिए आवश्यक प्लान तैयार करें तथा उसी के आधार पर विभिन्न कार्यों जैसे नदी, नालों के तटीयकरण तथा भूस्खलन की दृष्टि से संवदेनशील मार्गों में सुरक्षा दीवार इत्यादि को लेकर डीपीआर तैयार करें ताकि डीपीआर स्वीकृति के लिए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भेजी जा सके।
डीपीआर स्वीकृति के लिए राज्य आपदा प्रबंधन को भेजी जाएंगी
उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि विभिन्न विभागों से आपदा प्रबंधन की दृष्टि से प्राप्त डीपीआर स्वीकृति के लिए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को मंजूरी के लिए भेजी जाएंगी। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि डीपीआर तैयार करते हुए सभी पहलुओं का ध्यान रखा जाए तथा पूर्व में आपदा की दृष्टि से संवेदनशील रह चुके क्षेत्रों के बचाव के लिए आवश्यक उपाय किए जाएं ताकि आपदा से होने वाले नुक्सान को कम किया जा सके।
कांगड़ा जिला में आपदा प्रबंधन के लिए उठाए जा रहे आवश्यक कदम:
उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि कांगड़ा जिला आपदा की दृष्टि से संवेदनशील जोन में है तथा इसी के दृष्टिगत आपदा प्रबंधन के लिए बेहतर कार्य योजनाएं तैयार की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आपदा पूर्व चेतावनी यंत्र भी विभिन्न जगहों पर स्थापित किए गए हैं ताकि लोगों को आपदा से पूर्व की जानकारी मिल सके और नुक्सान से बचाव किया जा सके इसी तरह से कांगड़ा जिला में गोताखोरी का प्रशिक्षण भी जवानों को दिया जा रहा है ताकि बाढ़ इत्यादि की स्थिति में लोगों को बचाया जा सके।
इस अवसर पर एडीसी सौरभ जस्सल, एडीएम रोहित राठौर तथा उपमंडलाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

अपमानजनक तस्वीरें पोस्ट करने पर एफआईआर दर्ज

एएम नाथ। शिमला :   हिमाचल प्रदेश की राजधानी में सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं की अपमानजनक तस्वीरें पोस्ट करने का मामला सामने आया है। हिन्दू संगठन हिमाचल देवभूमि संघर्ष समिति की शिकायत पर बालूगंज...
article-image
हिमाचल प्रदेश

रास्ते खोलने में हमारी मदद करें मशीन मालिक, तेल के खर्चे पर दे मशीनें – दान देने से पहले करें सत्यापन, जिससे प्रभावितों को लाभ मिले : जयराम ठाकुर

सेब सीजन के पहले सड़के सही करने के लिए नेता प्रतिपक्ष की लोगों से अपील एएम नाथ। मंडी : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों का जायज़ा...
article-image
हिमाचल प्रदेश

पंडोगा में एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर से ऊना में औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति

रोहित जसवाल।  ऊना, 13 जनवरी. ऊना जिले के औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में एक बड़ी सौगात मिली है। केंद्र सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय ने हरोली...
article-image
पंजाब , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

कनाडा में भारतीय मूल के शख्स को उम्रकैद की सजा

चंडीगढ़ : कनाडा की एक अदालत ने भारतीय मूल के गैंगस्टर बलराज सिंह बसरा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. उसे 2022 में ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय (UBC) के पास हुई गोलीबारी में विशाल...
Translate »
error: Content is protected !!