चंडीगढ़ (पुनीत महाजन) : कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ गवर्नमेंट एंड एमसी इंप्लाईज एंड वर्कर्स, यूटी चंडीगढ़ का एक प्रतिनिधिमंडल माननीय ओएसडी विजिलेंस श्री ए. वेंकटेश से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने 14 ठेका एजेंसियों के खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार एवं वर्करों के आर्थिक शोषण से जुड़े मामलों पर विस्तार से चर्चा की।
प्रतिनिधिमंडल ने माननीय ओएसडी विजिलेंस को बताया कि 8 दिसंबर 2025 को चंडीगढ़ विजिलेंस विभाग ने कोऑर्डिनेशन कमेटी द्वारा दायर शिकायत के आधार पर 14 ठेका एजेंसियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इन एजेंसियों पर आरोप है कि उन्होंने कर्मचारियों की सैलरी तथा पीएफ से कटे हुए पैसे का गबन किया और वर्करों का आर्थिक शोषण किया।
कमेटी ने बताया कि विजिलेंस कार्रवाई के बाद अब तक तीन ठेका एजेंसियों ने कर्मचारियों की सैलरी और पीएफ से काटी गई राशि वापस कर दी है, जबकि बाकी एजेंसियों द्वारा अभी तक वर्करों का बकाया भुगतान नहीं किया गया है।
माननीय ओएसडी विजिलेंस ए. वेंकटेश ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषी एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से प्रभावित वर्करों की सूची तथा सैलरी और पीएफ से काटी गई राशि का पूरा विवरण उपलब्ध करवाने को कहा, ताकि संबंधित ठेका एजेंसियों के खिलाफ जल्द कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
प्रतिनिधिमंडल ने माननीय ओएसडी विजिलेंस का फूलों का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत एवं धन्यवाद किया।
प्रतिनिधिमंडल में कोऑर्डिनेशन कमेटी के महासचिव राकेश कुमार के अलावा वरिंदर बिष्ट, अवतार सिंह, धर्मवीर, सुखविंदर सिंह, विजय बहादुर, तरुण शर्मा, बलविंदर सिंह, सीता राम, गुरबचन चौधरी, गुरजीत सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
