गढ़शंकर : डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल होशियारपुर के 12वीं कक्षा में में तीनों संकाय का परिणाम शत प्रतिशत रहा है और 20 बच्चों ने 90% से अधिक अंक हासिल किए हैं जबकि 50 विद्यार्थियों ने 80% से अधिक अंक हासिल किए हैं।
स्कूल के प्रिंसिपल राजेश कुमार ने बताया कि साइंस ग्रुप में 94.2% अंकों के साथ पुलकित सूद पहले, 94% अंकों के साथ प्रगति साहिब दूसरे और 92.8% अंकों के साथ सिमरदीप कौर तीसरे स्थान पर रहे। 12वीं आर्ट्स ग्रुप में सुप्रिया 86.2% अंकों के साथ पहले, 85.8 प्रतिशत अंकों के साथ आर्यन सूद दूसरे और 80.6% अंकों के साथ मनजोत सिंह तीसरे स्थान पर रहे। 12वीं ई कॉमर्स ग्रुप में रोहित वीर ने 89.2 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया जबकि सागर मेहरा और आर्यन भटी 86.8% अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। 86.4% अंकों के साथ दिव्यम बंसल तीसरे स्थान पर रहे।
इसके इलावा दसवीं कक्षा में भी विद्यार्थियों ने बेहतरीन परिणाम हासिल किए। दसवीं कक्षा में स्वप्निल यादव ने 89.38% प्रतिशत अंकों के साथ पहले, चरणजोत सिंह ने 84.92% अंकों के साथ दूसरा और अकालजोत सिंह ने 81.84% अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। बोर्ड की ओर से घोषित आठवीं कक्षा के नतीजे में दीक्षा सैनी ने 87% अंकों के साथ पहले, गुरसिमर कौर ने 83% अंकों के साथ दूसरा और लविश यादव ने 72.3 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरा स्थान हसिल किया।
प्रिंसिपल राजेश ने इस सफलता के लिए विद्यार्थियों और अध्यापकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि डीएवी कॉलेज मैनेजिंग कमेटी के निर्देशन में स्कूल निरंतर उन्नति की ओर अग्रसर है और इसके लिए वह अपने और समूह स्टाफ सदस्यों की तरफ से डीएवी कॉलेज मैनेजिंग कमेटी होशियारपुर का धन्यवाद करते हैं।
अध्यापकों के योगदान के लिए उन्हें धन्यवाद दिया और अध्यापकों ने उन्हें जीवन में सफलता प्राप्त करने का आशीर्वाद प्रदान किया।
स्कूल मैनेजिंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ अनूप कुमार और सचिव प्रो आर एम भल्ला ने अपने संदेश में विद्यार्थियों को उनकी सफलता के लिए बधाई दी और उन्हें जीवन में और भी बेहतर करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्कूल के बेहतरीन परिणामों के लिए प्रिंसिपल और स्टाफ सदस्यों की प्रशंसा करते हुए मैनेजिंग कमेटी की ओर से स्कूल तथा विद्यार्थियों की बेहतरी के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपनी सफलता के लिए अध्यापकों के कुशल मार्गदर्शन हेतु उनका धन्यवाद किया। विद्यार्थियों का कहना था कि स्कूल में पढ़ने के दौरान जहां उन्हें परीक्षा में सफलता के लिए मार्गदर्शन दिया वहीं उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित किया जो जीवन भर उनके लिए प्रेरणा का कार्य करेगा।
