दिल्ली की सत्ता और इतिहास के सबक

by

दिल्ली सदियों से सत्ता का केंद्र रही है। मुगल काल से लेकर ब्रिटिश शासन और स्वतंत्र भारत तक, यहाँ बैठी सरकारों के फैसलों ने आम जनता के जीवन पर गहरा प्रभाव डाला है। इतिहास यह भी बताता है कि समय-समय पर सत्ता ने विरोध को दबाने, कठोर कर लगाने, धार्मिक या राजनीतिक दमन करने तथा असहमति की आवाज़ को नियंत्रित करने जैसे कदम भी उठाए।

मुगल काल में कुछ शासकों की नीतियों को धार्मिक भेदभाव, भारी कर व्यवस्था और विद्रोहों के कठोर दमन के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा। इसी दौर में गुरु तेग बहादुर ने धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए अपना शीश बलिदान कर दिया, लेकिन अन्याय और जबरन धर्म परिवर्तन के आगे झुकना स्वीकार नहीं किया। उनका बलिदान केवल सिख इतिहास की धरोहर नहीं, बल्कि समूची मानवता के लिए अंतरात्मा और धार्मिक स्वतंत्रता का अमर प्रतीक है।

इसके बाद ब्रिटिश शासन में दमनकारी कानून, आर्थिक शोषण और स्वतंत्रता सेनानियों पर अत्याचार इतिहास का हिस्सा बने। स्वतंत्र भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित होने के बावजूद विभिन्न सरकारों पर भी अलग-अलग समय में सत्ता के दुरुपयोग, नागरिक अधिकारों के हनन, आपातकाल, पुलिस कार्रवाई, सांप्रदायिक हिंसा, भ्रष्टाचार और राजनीतिक प्रतिशोध जैसे आरोप लगते रहे हैं।

इतिहास किसी एक शासक, एक दल या एक दौर को कठघरे में खड़ा करने के लिए नहीं है, बल्कि यह चेतावनी देता है कि जब सत्ता जवाबदेही से दूर हो जाती है, तब न्याय, स्वतंत्रता और नागरिकों के अधिकार सबसे पहले प्रभावित होते हैं।

इतिहास का उद्देश्य नफरत फैलाना नहीं, बल्कि उससे सीख लेना है। एक मजबूत लोकतंत्र वही है जहाँ सरकार संविधान के दायरे में रहकर काम करे, कानून सबके लिए समान हो और सत्ता हमेशा जनता के प्रति जवाबदेह रहे। यही गुरु तेग बहादुर के बलिदान का संदेश है और यही इतिहास का सबसे बड़ा सबक भी।

— भाग सिंह अटवाल, सरी, कनाडा

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

रंग लाने लगे फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन प्रदान करने के “सुक्खू” सरकार के प्रयास

 जाइका की 39.47 लाख की सिंचाई परियोजना से समखेतर गांव में आई हरियाली, बंजर खेतों में फिर लहराई फसलें रोहित जसवाल।  जोगिंदर नगर :  ग्राम पंचायत बुल्हा भड़याड़ा के समखेतर गांव में वर्षों से...
article-image
हिमाचल प्रदेश

ज़िला दंडाधिकारी मुकेश रेपसवाल ने नगर निकाय चुनावों को लेकर जारी किए आदेश

15 मई शाम 3 बजे से चुनाव प्रचार और सार्वजनिक सभाओं पर रहेगा प्रतिबंध निर्देशों की अवहेलना पर निर्धारित नियमों के अनुरूप होगी कार्रवाई एएम नाथ। चंबा : ज़िला दंडाधिकारी मुकेश रेपसवाल ने नगर...
article-image
हिमाचल प्रदेश

सरकारी कालेज चुवाड़ी का वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह धूमधाम से आयोजित : स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अपग्रेडिड होगा चुवाड़ी कॉलेज–विधानसभा अध्यक्ष

वर्ष 2027 तक सड़क सुविधा से जुड़ेंगे भटियात के सभी गांव,    विधानसभा अध्यक्ष ने पुरस्कृत किए मेधावी विद्यार्थी चंबा, (चुवाड़ी) 9 मार्च :  विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि राजकीय महाविद्यालय...
article-image
पंजाब

संत सीचेंवाल के जन्म दिन पर वातावरण कमेटी ने गढ़शंकर में लगाए पौदे

गढ़शंकर। विशव प्रसिद्ध वातावरण प्रेमी संत बलवीर सिंह सीचेंवाल का जन्म दिन आज वातावरण बचाओं कमेटी गढ़शंकर दुारा विभिन्न गावों में पौदे लगा कर मनाया। जिसमें विशेष तौर पर आप के विधायक विधायक जय...
Translate »
error: Content is protected !!