दीवान ने लुधियाना नगर निगम को घेरा : कहा- सिटी बस सेवा का ठप होना नागरिकों के साथ बड़ा धोखा

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तरक्की से पतन तक: दीवान ने सिटी बस परियोजना की विफलता के लिए नगर निगम को ठहराया जिम्मेदार

लुधियाना, 28 जून: जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी) लुधियाना के पूर्व अध्यक्ष एवं पंजाब लार्ज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बोर्ड के पूर्व चेयरमैन पवन दीवान ने सिटी बस सेवा परियोजना के ठप होने को लेकर लुधियाना नगर निगम की कड़ी आलोचना की है। यहां जारी एक तीखे बयान में, दीवान ने कहा कि जिस सिटी बस सेवा परियोजना का बड़े स्तर पर प्रचार किया गया था, उसकी विफलता नगर निगम के लंबे समय से चले आ रहे कुप्रबंधन और दूरदर्शिता की कमी का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि नगर निगम लुधियाना ने शहरी परिवहन को एक दिखावटी परियोजना तक सीमित रखा, जबकि इसे एक निरंतर चलने वाली सार्वजनिक सेवा के रूप में विकसित किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि नगर निगम की लापरवाही के कारण हर आयु वर्ग के लोगों, विशेषकर बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए शुरू की गई लो-फ्लोर बसों की सुविधा से नागरिक वंचित हो गए हैं।

दीवान ने कहा कि बस सेवा का ठप होना कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि नगर निगम की अक्षमता, जवाबदेही की कमी और लुधियाना के लोगों के साथ किए गए विश्वासघात का सीधा परिणाम है। उन्होंने याद दिलाया कि जनवरी, 2015 में जेएनएनयूआरएम (जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन) के तहत लुधियाना के शहरी परिवहन को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई यह परियोजना आज अव्यवस्था का शिकार हो चुकी है। इसके कारण यात्री परेशान हैं और नगर निगम एक निजी ऑपरेटर के साथ विवादों में उलझा हुआ है। उन्होंने कहा कि इसका सबसे बड़ा खामियाजा रोजाना सफर करने वाले लोग भुगत रहे हैं, जो हर दिन हम्बड़ा रोड स्थित डिपो में कूड़े-कचरे के बीच खड़ी दर्जनों जर्जर बसों को देखकर गुजरते हैं।

दीवान ने जोर देते हुए, कहा कि जब जनवरी, 2024 में 9 वर्षों का अनुबंध समाप्त हुआ था, तब नगर निगम के पास कोई वैकल्पिक योजना तैयार नहीं थी। उन्होंने कहा कि शहर प्रदूषण और बढ़ते ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहा है, लेकिन इसके बावजूद किसी वैकल्पिक सार्वजनिक परिवहन योजना की घोषणा नहीं की गई। यह केवल परिवहन का संकट नहीं है, बल्कि नागरिकों के साथ किया गया विश्वासघात भी है। नगर निगम में कार्यकुशलता की कमी ने लुधियाना को एक भरोसेमंद बस सेवा से वंचित कर दिया है। जिस शहर को स्वच्छ और कुशल सार्वजनिक परिवहन की सबसे अधिक आवश्यकता है, वहां नगर निगम की लापरवाही ने तरक्की को पतन में बदल दिया है।

दीवान ने खुलासा किया कि सिटी बसों को लो-फ्लोर डिज़ाइन के साथ इसलिए तैयार किया गया था, ताकि बुजुर्ग, युवा, महिलाएं और दिव्यांग यात्री आसानी से बस में चढ़ सकें। उन्होंने कहा कि यह समावेशी सार्वजनिक परिवहन की दिशा में एक प्रगतिशील कदम था। लेकिन परियोजना को ठप होने देना और बसों को बेकार छोड़ देना नगर निगम की बड़ी विफलता है, जिसने लोगों से वह सुविधा भी छीन ली जो उन्हें पहले उपलब्ध थी। उन्होंने कहा कि इस जनहितैषी बस बेड़े की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सेवा का विस्तार करने के बजाय नगर निगम की लापरवाही ने इसे बर्बाद कर दिया है। इसके कारण यात्री अब असुरक्षित और क्षमता से अधिक भरे हुए वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहने को मजबूर हैं।

सिटी बस सेवा जल्द बहाल कराने के लिए लोकसभा में मुद्दा उठाएं वड़िंग: दीवान

जनहित को सर्वोपरि बताते हुए दीवान ने लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से अपील की है कि वह संसद के आगामी मानसून सत्र के दौरान इस गंभीर मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाएं। उन्होंने कहा कि हम वड़िंग से आग्रह करते हैं कि वे लोकसभा में इस मामले को मजबूती से उठाएं, सिटी बस सेवा को तत्काल फिर से शुरू करवाने के लिए सरकार पर दबाव बनाएं तथा इसके बंद होने के लिए जिम्मेदार नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कराएं।

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