देशी अनाज एवं फसल जर्मप्लाज्म के संरक्षण एवं गुणन के लिए चंबा के दो किसानों को मिला सम्मान

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एएम नाथ। चंबा : कृषि विज्ञान केंद्र चंबा के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. धर्मेन्द्र कुमार ने बताया कि डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी (सोलन) में गत दिनों पौधा संरक्षण एवं कृषक अधिकार अधिनियम के तहत एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विकास खंड सलूणी के गांव तिवारी के किसान पवन कुमार तथा चंबा विकास खंड के तहत गांव बगोली के अनिल कुमार को देशी अनाज एवं फसल जर्मप्लाज्म के संरक्षण एवं गुणन के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल द्वारा सम्मानित किया गया है।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रदर्शनी में किसानों द्वारा स्थानीय फसल प्रजातियों की विविधता को प्रदर्शित करने के लिए देशी बीजों को रखा गया। प्रदर्शनी के माध्यम से जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के परिप्रेक्ष्य में देशी बीजों एवं पारंपरिक फसल प्रजातियों के संरक्षण के महत्व को लेकर जानकारी प्रदान की गई तथा किसानों को अपनी स्थानीय प्रजातियों के संरक्षण, संवर्धन एवं पंजीकरण के प्रति जागरूक भी किया गया।
उन्होंने बताया कृषि विज्ञान केंद्र चंबा की ओर से वैज्ञानिक डॉ. जया एवं डॉ. नेहा ने किसानों के साथ कार्यशाला में हिस्सा लिया। साथ में उन्होंने यह भी बताया कि संरक्षित जर्मप्लाज्म से संबंधित बीजों को शीघ्र ही पीपीवी एवं एफआर अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत किया जाएगा, ताकि किसानों के अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ दीर्घकालिक संरक्षण भी सुनिश्चित हो सके।

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