पति प्रधान विवाद पर मंडलायुक्त का फैसला पूर्व प्रधान सोनू देवी की अपील हुई निष्प्रभावी

by

बी बी एन, 23 मई (तारा) :  औद्योगिक क्षेत्र बद्दी की भटोलीकलां पंचायत की पूर्व प्रधान सोनू देवी को लेकर चले “पति प्रधान” विवाद में बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। शिमला मंडल की मंडलायुक्त एवं अपीलीय प्राधिकारी ने उपायुक्त की ओर से जारी निलंबन आदेश के खिलाफ दायर अपील को निष्प्रभावी मानते हुए खारिज कर दिया है। हालांकि साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि मामले में चल रही विभागीय जांच जारी रहेगी।

मामला उस शिकायत से जुड़ा है जो झाड़माजरी-कुंजहाल निवासी राजन शर्मा की ओर से की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि तत्कालीन प्रधान सोनू देवी ने पंचायत के विकास कार्यों की शिलान्यास पट्टिकाओं पर अपने नाम के साथ अपने पति कमल कुमार का नाम भी लिखवाया। इसके अलावा यह भी आरोप लगाया गया कि उनके पति पंचायत कार्यालय में बैठकों के दौरान हस्तक्षेप करते थे और प्रधान की कुर्सी पर बैठते थे।
प्रारंभिक जांच बीडीओ पट्टा की ओर से की गई, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर दो मुख्य आरोप तय किए गए। पहला आरोप निर्माण कार्यों की पट्टिकाओं पर पति का नाम लिखवाने का था, जबकि दूसरा आरोप पंचायत कार्यों में पति के हस्तक्षेप से संबंधित था।
इसके बाद उपायुक्त सोलन ने 4 जुलाई 2025 को शो-कॉज नोटिस जारी किया। सोनू देवी ने जवाब में सभी आरोपों से इनकार किया और कहा कि उन्होंने पारंपरिक तरीके से अपना नाम “सोनू कमल गियानी” लिखना चाहा था तथा नाम परिवर्तन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि किसी प्रकार के गबन या वित्तीय अनियमितता का आरोप सिद्ध नहीं हुआ है।
दूसरी ओर राज्य पक्ष ने दलील दी कि शिकायत गुमनाम नहीं थी और जांच के बाद आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि पंचायत कार्यों की पट्टिकाओं पर पति का नाम लिखना और पंचायत कार्यालय में उनकी सक्रिय मौजूदगी सरकारी व्यवस्था की गरिमा के खिलाफ है।
मंडलायुक्त ने अपने आदेश में कहा कि सोनू देवी जनवरी 2021 में प्रधान निर्वाचित हुई थीं और पंचायती राज अधिनियम के अनुसार प्रधान का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है। चूंकि अब उनका कार्यकाल समाप्त हो चुका है, इसलिए निलंबन आदेश स्वतः प्रभावहीन हो गया है। आदेश में कहा गया कि जिस व्यक्ति का कार्यकाल समाप्त हो चुका हो, उसे निलंबित रखने का कोई औचित्य नहीं रह जाता।
हालांकि मंडलायुक्त ने यह भी साफ किया कि यह फैसला मामले के गुण-दोष पर नहीं है और धारा 146 के तहत चल रही जांच प्रभावित नहीं होगी। यानी पूर्व प्रधान के खिलाफ विभागीय कार्रवाई आगे भी जारी रह सकती है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
समाचार , हिमाचल प्रदेश

सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कार्य योजना तैयार कर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को प्रेषित करने के केंद्रीय मंत्री नड्डा ने दिए निर्देश

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने की अध्यक्षता, आकांक्षी जिला कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बैठक आयोजित एएम नाथ। चंबा :  केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं...
article-image
हिमाचल प्रदेश

महाविद्यालय चबां में जुटेंगे देश विदेश के शोधकर्ता

“विकसित भारत का पुनरुद्धार 2047, समावेशी विकास को प्राचीन भारत की बुद्धिमत्ता के साथ एकीकृत करना” विषय पर सम्मेलन का आयोजन एएम नाथ। चम्बा : राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चंबा (हिमाचल प्रदेश) द्वारा 3 और...
article-image
हिमाचल प्रदेश

अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेला-2024 के तहत स्मारिका में प्रकाशन के लिए डिजिटल फोटोग्राफ  तथा  रचनाएं आमंत्रित

एएम नाथ। चंबा, 17 जुलाई :  अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेला-2024 के तहत  मेला आयोजन समिति द्वारा स्मारिका में प्रकाशन के लिए डिजिटल फोटोग्राफ  तथा रचनाओं को आमंत्रित किया गया है। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं मेला...
article-image
हिमाचल प्रदेश

नशा तस्करी के दोषी व्यक्तियों की संपत्ति की होगी डिमार्केशन : DC

उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने की एनकोरड समीति की बैठक की अध्यक्षता एएम नाथ। चम्बा : जिला मुख्यालय चंबा में एनकोरड समिति की जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने...
Translate »
error: Content is protected !!