एएम नाथ। पांगी : हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के सुदूर और जनजातीय क्षेत्र पांगी से एक दिल तोड़ने वाली खबर सामने आई है। यहां ग्राम पंचायत साच में एक व्यक्ति ने अपनी जिंदगी से निराश होकर मौत को गले लगा लिया। बताया जा रहा है कि यह व्यक्ति पिछले काफी समय से एक गंभीर बीमारी से जूझ रहा था। बीमारी की पीड़ा और उससे उपजी परेशानी ने उसे मानसिक रूप से इतना तोड़ दिया कि उसने यह सुसाइड जैसा खौफनाक कदम उठा लिया।
यह घटना बीते दिन देर रात की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, जब इस व्यक्ति ने अपनी जीवन लीला समाप्त करने का फैसला किया, उस समय वह घर पर बिल्कुल अकेला था। घर के अन्य सदस्य किसी काम से बाहर गए हुए थे या वहां मौजूद नहीं थे। सूने घर में अकेलेपन और बीमारी के दर्द के बीच उसने फंदा लगा लिया। सुबह जब गांव के लोगों को इस अनहोनी की भनक लगी, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और उन्होंने तुरंत बाकी ग्रामीणों को सूचित किया।
मृतक की पहचान हरीश कुमार, पुत्र ठानेदार निवासी साच, तहसील पांगी के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी मौके की नजाकत को समझने के लिए सक्रिय हुई। हालांकि, इस मामले में एक अलग मोड़ तब आया जब मृतक के परिवार वालों ने पुलिसिया कार्रवाई से इनकार कर दिया। पुलिस का कहना है कि मृतक के परिजनों ने इस संबंध में कोई भी मुकदमा दर्ज नहीं करवाया है। परिजनों के बयान और स्थिति को देखते हुए पुलिस ने फिलहाल कोई पुलिस जाँच या कानूनी कार्रवाई अमल में नहीं लाई है।
यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। पहाड़ की कठिन परिस्थितियों में जीवन जीने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और बीमारी का बोझ अक्सर भारी पड़ जाता है। हरीश कुमार की मौत ने एक बार फिर ट्राइबल एरिया हेल्थ इश्यूज और उससे जुड़े मानसिक तनाव की ओर इशारा किया है। फिलहाल, साच पंचायत में शोक की लहर है और हर कोई इस घटना से स्तब्ध है।
