बीत ईलाके में पीने के पानी का संकट गंभीर धारण कर चुका, भंडियार में एक वर्ष से पीने का संकट

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गढ़शंकर के अंर्तगत पड़ते बीत ईलाके में पीने के पानी के संकट के चलते लोग परेशान है और बार बार अधिकारियों व नेताओं से बात करने पर भी लोगो को पीने का पानी पूरा नहीं मिल रहा। ऊपर से गत दो सप्ताह से बिजली के लंबे लंबे अघोषित कटों ने पीने के पानी की सप्लाई को बदतर कर दिया है। बाटर सप्लाई एंड सैनीटेशन विभाग के अधिकारी लोगो को हर बार कह देते है दो दिन दीजिए समस्या का समाधान हो जाएगा लेकिन लंबे समय से स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है।
बीत ईलाके के गांव भंडियार, बीनेवाल, गद्दीवाल, मलकोवाल, हैबोवाल, पंडोरी बीत, भवानीपुर, कानेवाल, रतनपुर आदि में पीने के पानी का संकट बना हुया। गांव भंडियार में तो बद से बदतर है और करीव एक साल से गांव वासी नेताओं से लेकर अधिकारियों तक को अपनी समस्या बता चुके है लेकिन पीने के पानी की सप्लाई सुचारू नहीं हुई। हैरानीजनक बात तो यह है कि ऊचे स्थान पर वसे घरों में पीने के पानी की सप्लाई ठीक है लेकिन नीचे वसे घरों में पानी के लिए लोग तरस रहे है। टैंकरों से पीने के पानी लाया जा रहा है। विभाग के अधिकारी पीने के पाईप में ब्लाकेज बता कर अपने फर्ज की इतिश्रि कर देते है और पीने के पानी की सप्लाई के सुधार के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। गांव भंडियार के अरूण धीमान ने बताया कि एक वर्ष पहले पानी की सप्लाई ठीक थी और विभाग के अधिकारियो के कहने पर हमने पैसे इकत्र कर पीने के पानी पाईप लाईनें ख्ुादवाई। लेकिन पीेने के पानी की सप्लाई की लाईनों में कोई रूकावट नहीं मिली। लिहाजा पीने के पानी की समस्या ने परेशान कर रखा है। पंच अंजू रानी व मीना रानी ने कहा कि पीने के पानी के लिए हम तरस रहे है और अधिकारी हर बार बहानेवाजी कर रहे है। आधे गांव में पानी आ रहा तो आधे में क्यों नहीं आ रही। पैसे इकत्र कर हम पानी का टैंकर मंगवाते है और अगर किसी ने दो गिलास पानी पीना है तो एक ही पी रहा कि कहीं पानी खतम ना हो जाए। यह सिर्फ अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा है।
इसके ईलावा अन्य गावों में भी यहीं हालात है कि गांव के एक मुहल्ले में पानी आता है तो दूसरे मुहल्ले में पीने के पानी के लिए लोग तरस रहे है। जिससे साफ है कि अधिकारियों का कुप्रंबधन और समस्या के प्रति लापरवाही ही मुख्य तौर पर जिम्मेवार है। अगर सूत्रों की माने तो एक एक लीकेज का तीस तीस हजार बिल डाला जा रहा है और अगर लोग कोई पाईप लाईन डालने के लिए या रिपेयर के लिए कहते है तो फंडज की कमी कह दिया जाता है। हैबोवाल के दर्शन सिंह ने कहा कि उनके मुहल्ले में दो वर्ष से पानी की सप्लई सुचारू नहीं आ रही लेकिन कोई नहीं सुन रहा।
भंडियार की सरपंच रमा रानी : विभाग के अधिकारियों को बहुत बार अपनी समस्या बता चुके है कोई भी इस और ध्यान नहीं देता। आज भी एसडीओ के पास जाकर आए है और उन्होंने सिर्फ एक दिन मांगा है। यही बात पहले के अधिकारी एक वर्ष से कहते आ रहे है।
बाटर सप्लाई व सैनीटेशन विभाग के एसडीओ कुलदीप सिंह : दो दिन पहले मैं यहां आया हूं। दस दिन पूरे ईलाके की समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। बिजली के लग रहे कटों के चलते भी पीेने के पानी की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है।

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