तकनीकी शिक्षा मंत्री ने हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला में किया 10 किलोवाट क्षमता के सोलर इंक्यूबेशन केंद्र का लोकार्पण, मेडिकल कैंप का भी किया शुभारंभ
एएम नाथ। बंदला (बिलासपुर), 19 अप्रैल: नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज के.के. फाउंडेशन के माध्यम से राजकीय हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला में स्थापित 10 किलोवाट क्षमता के सोलर इंक्यूबेशन केंद्र का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने के.के. फाउंडेशन के माध्यम से लगाए गए एक मेडिकल कैंप का भी शुभारंभ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता परमवीर चक्र विजेता कैप्टन संजय कुमार ने की। इस मौके पर के.के. फाउंडेशन के चेयरमैन के.के. कश्यप भी विशेष तौर पर मौजूद रहे।
उन्होंने राजकीय हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला में 10 किलोवाट क्षमता का सोलर इंक्यूबेशन केंद्र स्थापित करने के लिए के.के. फाउंडेशन के अध्यक्ष के.के. कश्यप का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह सामाजिक सेवा क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहे हैं। वह इसी तरह एक अन्य सोलर इंक्यूबेशन केंद्र राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान कलोल में भी स्थापित कर रहे हैं, जिसे भी जल्द ही समर्पित किया जाएगा।
उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने के लिए विद्यार्थी जीवन सबसे उत्तम समय है। अनुशासन में रहकर पूरे समर्पण भाव के साथ की गई कड़ी मेहनत ही जीवन में सफलता की नींव है। उन्होंने कहा कि वे बेहतर कल के लिए आज के समय को बेहतर बनाते हुए आगे बढ़ें। काॅलेज की पढ़ाई पूर्ण करने के उपरांत उन्हें समाज की विभिन्न चुनौतियों का भी सामना करना पड़ेगा जिसके लिए भी वह स्वयं को तैयार रखें।
राजेश धर्माणी ने कहा कि कड़ी मेहनत के बावजूद भी उन्हें सफलता हासिल नहीं होती है तो अगले लक्ष्य को निर्धारित करते हुए आगे बढ़ें। जीवन में आगे बढ़ने के लिए अनेक विकल्प उपलब्ध हैं, जिनका उन्हें लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों से लड़ने के लिए तीन मंत्र दिये। पहला वह ऐसी स्थिति में कार्य करें जिसे वह नियंत्रित कर सकते हैं। दूसरा उन परिस्थितयों में आगे बढ़ें जिन्हें वह प्रभावित कर सकते हैं तथा तीसरा मंत्र उस परिस्थिति के लिए भी स्वयं को तैयार रखें जिसे न तो वह नियंत्रित कर सकते हैं न ही प्रभावित। उन्होंने कहा कि वह दूसरों की प्रवाह किये बिना स्वयं को इतना सक्षम बनाएं कि उन्हें कोई भी आगे बढ़ने से रोक न पाए। उनसे अभिभावकों, परिवार और समाज की अनेक अपेक्षाएं हैं, जिन पर खरा उतरने के लिए लगातार प्रयासरत रहना होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल को ग्रीन एनर्जी राज्य के तौर पर स्थापित करने के लिए कार्यरत है। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी पढ़ाई पूर्ण करने के बाद सोलर पाॅवर प्रोजेक्ट स्थापित कर स्वरोजगार अपनाना चाहते हैं, इसके लिए सरकार 2 मैगावाॅट तक के प्रोजेक्ट पर 40 प्रतिशत तक प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है। साथ ही ऋण सब्सिड़ी उपलब्ध करवाने के साथ-साथ सरकार बिजली भी खरीदेगी। वह फैसिलिटेटर तथा कंस्लटेटर के तौर पर भी कार्य कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश में हाइड्रो पावर के क्षेत्र में भी कई अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने काॅलेज प्रशासन को एल्युमिनाई नेटवर्क तथा ऑनलाइन मेंटरशिप पर भी कार्य करने का सुझाव दिया जिसका भविष्य में कई तरह से लाभ होता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने परमवीर चक्र विजेता कैप्टन संजय कुमार को यूथ आइकॉन के तौर पर नामित किया है जो आने वाले समय में प्रदेश के युवाओं को भारतीय सशस्त्र बलों को बतौर करियर अपनाने के लिए प्रेरित करने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में प्रदेश के लगभग 550 सैनिक शहीद हुए तथा दो लोगों को परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया जिसमें कैप्टन संजय कुमार भी शामिल हैं।
उन्होंने कॉलेज के विभिन्न विकास कार्यों के लिए भविष्य में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने का भी आश्वासन दिया।
उन्होंने कॉलेज की विभिन्न लैब का भी अवलोकन किया तथा कॉलेज के आठवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों हर्ष शर्मा तथा काव्यांश द्वारा तैयार सोलर पायरोसिस मॉडल का भी अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की।
इससे पहले कॉलेज के प्राचार्य प्रो. उमेश राठौर ने पाॅवर प्वाईट प्रेजेंटेशन के माध्यम से कॉलेज की विस्तृत जानकारी प्रदान की तथा मुख्यातिथि एवं सभी अतिथियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर पूर्व विधायक तिलक राज शर्मा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव विवेक कुमार, हिमुडा निदेशक जितेंद्र चंदेल, जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष तृप्ता, पूर्व जिला पार्षद गौरव शर्मा, राजेंद्र ठाकुर, जिला कोऑपरेटिव सोसायटी के चेयरमैन रणजीत कश्यप, पूर्व प्रधान निर्मला राजपूत, निदेशक तकनीकी शिक्षा दिनेश कुमार, काॅलेज प्राचार्य प्रो. उमेश राठौर, विभिन्न विभागों के अधिकारी, काॅलेज के प्राध्यापकों सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
