चंडीगढ़, 19 अक्टूबर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कथित वायरल वीडियो मामले में लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चंडीगढ़ स्थित कार्यालय में पेश हुए। उनसे चार घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई। कार्यालय से बाहर निकलने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत नहीं की और सीधे अपनी गाड़ी में बैठकर रवाना हो गए।
यह मामला मुख्यमंत्री भगवंत मान के कथित वायरल वीडियो की फोरेंसिक जांच और गुरुग्राम में तैयार की गई कथित रिपोर्ट में गड़बड़ी के आरोपों से जुड़ा है। स्वपन शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से तैयार या संपादित बताने वाली फोरेंसिक एवं साइबर विश्लेषण रिपोर्ट तैयार करवाने के लिए कुछ विशेषज्ञों से संपर्क किया था। आरोपों में इसके एवज में 10 लाख रुपये के लेनदेन का भी उल्लेख है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
गुरुग्राम पुलिस की एफआईआर के आधार पर जांच
इस मामले में गुरुग्राम पुलिस ने कथित फर्जी फोरेंसिक और साइबर विश्लेषण रिपोर्ट तैयार करने की साजिश के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी। इसी मामले के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मामले में अरुण मेहरचंदू (25) और अंकित (25) को गिरफ्तार किया गया था।
मामले से जुड़े एक अन्य वीडियो को लेकर भी विवाद हुआ था। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के कथित वायरल वीडियो को एआई से तैयार बताने वाली रिपोर्ट बनवाने के लिए समझौता किया गया था। इन आरोपों की जांच के बीच स्वपन शर्मा को ईडी के समक्ष पेश होना पड़ा।
कथित वीडियो को लेकर विवाद
यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर प्रसारित एक विवादित वीडियो से जुड़ा है। वीडियो में एक व्यक्ति को सिख गुरुओं की तस्वीरों के सामने आपत्तिजनक व्यवहार करते हुए दिखाए जाने का दावा किया गया था। सोशल मीडिया पर इस व्यक्ति की पहचान मुख्यमंत्री भगवंत मान के रूप में किए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया।
इस घटनाक्रम के बाद सिख समुदाय के कुछ वर्गों में नाराजगी सामने आई और श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से भी मामले में हस्तक्षेप किया गया।
वहीं, मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी का पक्ष रहा है कि वीडियो फर्जी, संपादित अथवा एआई की मदद से तैयार किया गया है और इसका इस्तेमाल उन्हें धार्मिक एवं राजनीतिक रूप से बदनाम करने के लिए किया गया।
फिलहाल, ईडी की पूछताछ और कथित फोरेंसिक रिपोर्ट से जुड़े आरोप इस मामले की जांच का हिस्सा हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
