मुख्यमंत्री ने ‘वॉटर लॉज ऑफ हिमाचल’ संकलन का किया विमोचन …हिमाचल प्रदेश ने जल जीवन मिशन के तहत 99.9 प्रतिशत घरों तक नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य हासिल किया : मुख्यमंत्री सुक्खू

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एएम नाथ। शिमला :  मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज ‘वॉटर लॉज ऑफ हिमाचल’ संकलन का विमोचन किया। हिमाचल प्रदेश के जल शक्ति विभाग द्वारा तैयार किया गया यह राज्य का पहला व्यापक संकलन है, जिसमें विभाग से संबंधित सभी प्रमुख अधिनियम, नियम, नीतियां, तकनीकी पुस्तिकाएं और प्रशासनिक परिपत्र एक ही पुस्तक में संकलित किए गए हैं। इस संकलन का संपादन एवं संकलन जल शक्ति विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन, मुख्य अभियंता (शिमला जोन) अभियंता मुकेश हीरा तथा अधीक्षण अभियंता (शिमला जोन) अभियंता विजय कश्यप ने किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संकलन अधिकारियों, अभियंताओं, ठेकेदारों और आम नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ पुस्तक साबित होगा। इससे जलापूर्ति, सीवरेज और सिंचाई सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता बढ़ेगी।
उन्होंने जल शक्ति विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विभाग ने कई वर्षों में बने कानूनी, तकनीकी और प्रशासनिक प्रावधानों को एक स्थान पर संकलित करने का सराहनीय कार्य किया है। इससे विभिन्न मंडलों, वृत्तों और क्षेत्रों में कार्यरत अधिकारियों को निर्णय लेने में सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने जल जीवन मिशन के तहत 99.9 प्रतिशत घरों तक नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य हासिल किया है। राज्य को वर्ष 2026 में राष्ट्रीय जल पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है, जो जल प्रबंधन और बेहतर सेवाओं के क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि इस संकलन में अधिनियमों और नीतियों, संचालन संबंधी दिशा-निर्देशों, जल शुल्क, वित्तीय अधिकारों, निविदा प्रक्रिया, कानूनी मामलों, न्यायालयीन प्रकरणों, जल गुणवत्ता परीक्षण तथा अन्य प्रशासनिक विषयों को सरल और व्यवस्थित रूप में शामिल किया गया है। इससे विभाग की कार्यप्रणाली को समझना और नियमों का पालन करने में सुविधा होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे अधिकारियों को मौके पर सही और समय पर निर्णय लेने में सहायता मिलेगी। वहीं, ठेकेदारों को पंजीकरण, निविदा प्रक्रिया और वित्तीय स्वीकृति संबंधी नियमों की स्पष्ट जानकारी मिलेगी। आम नागरिकों को भी जल शुल्क, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के तहत मिलने वाली सेवाओं तथा मान्यता प्राप्त जल गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशालाओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी।
उन्होंने कहा कि यह पहल सुशासन को मजबूत करने, सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने और जल शक्ति विभाग में पारदर्शिता को और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मुख्यमंत्री के सचिव आशीष सिंहमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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