राजा वड़िंग और मजीठिया ने कथित एडवाइजरी साझा की; पुलिस ने कहा- ऐसा कोई आदेश जारी नहीं हुआ
चंडीगढ़ । पंजाब में पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर आते-जाते समय वर्दी न पहनने और अपनी पहचान छिपाने के कथित निर्देशों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और शिरोमणि अकाली दल नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो/एडवाइजरी साझा की है। इसमें दावा किया गया कि बॉर्डर रेंज के IG कार्यालय की ओर से पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर ऐसे निर्देश जारी किए गए हैं।
कथित एडवाइजरी में अमृतसर देहात, बटाला, गुरदासपुर और पठानकोट के SSP को पुलिस कर्मचारियों की निजी सुरक्षा, ड्यूटी प्वाइंट और संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा के संबंध में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश बताए गए हैं। इसमें ड्यूटी पर आते-जाते समय वर्दी, बेल्ट, पहचान चिह्न या पुलिस की पहचान उजागर करने वाली वस्तुएं प्रदर्शित नहीं करने की बात कही गई है।
ऑडियो में महिला की आवाज
वायरल ऑडियो में एक महिला की आवाज सुनाई देती है, जो खुद को पुलिस कर्मचारी बताते हुए कथित निर्देशों की जानकारी देती है। इसमें पुलिसकर्मियों को निजी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने और आने-जाने की दिनचर्या में बदलाव रखने की बात कही गई है।
पंजाब पुलिस ने किया खंडन
पंजाब पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैली इस जानकारी को फर्जी बताते हुए स्पष्ट किया कि पुलिस मुख्यालय या उसके अधीन किसी कार्यालय की ओर से पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर जाते या लौटते समय वर्दी न पहनने अथवा सादे कपड़ों में यात्रा करने का कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है। पुलिस ने लोगों और कर्मचारियों से ऐसे संदेशों पर भरोसा न करने तथा आधिकारिक माध्यमों से जानकारी लेने की अपील की है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी इन दावों को फर्जी बताया है। इस पूरे मामले को लेकर पंजाब में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
ASI की हत्या के बाद सामने आया मामला
यह विवाद अमृतसर में ASI हरजीत सिंह की हत्या के बाद सामने आया है। कथित एडवाइजरी को इसी सुरक्षा चिंता से जोड़कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया, हालांकि पुलिस ने ऐसी किसी आधिकारिक एडवाइजरी से इनकार किया है।
