विकसित भारत केवल सपना नहीं, राष्ट्रीय प्रतिबद्धता : पठानिया

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राष्ट्रमंडल संसदीय संघ सम्मेलन में बोले हिमाचल विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, युवाओं को बताया परिवर्तन का आधार..कहा, विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में राज्यों की भूमिका अहम

केंद्र-राज्य समन्वय से ही बनेगा विकसित भारत: कुलदीप सिंह पठानिया

  1. स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने का संकल्प है विकसित भारत 2047

एएम नाथ । चंडीगढ़ :  हरियाणा विधानसभा द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) भारत क्षेत्र जोन-2 सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि विकसित भारत 2047 केवल एक राष्ट्रीय लक्ष्य नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक मिशन है। उन्होंने कहा कि यदि देश को विकसित राष्ट्र बनना है तो राज्यों का समान रूप से विकसित होना भी आवश्यक है। केंद्र और राज्यों के संयुक्त प्रयासों से ही विकसित भारत 2047 का सपना साकार हो सकेगा।
पठानिया ने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना की नींव देश के स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने त्याग और बलिदान से रखी थी। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि स्वतंत्रता संग्राम का पहला बिगुल हिमाचल प्रदेश की धरती पर फूंका गया था। उन्होंने महान क्रांतिकारी बजीर राम सिंह पठानिया का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1848 में उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ पहला संगठित विद्रोह किया था। मात्र 24 वर्ष की आयु में उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके बाद मंगल पांडे, रानी लक्ष्मीबाई, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और महात्मा गांधी सहित अनेक स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्षों ने देश को आजादी दिलाई।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का विजन केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य समृद्ध, समावेशी, आत्मनिर्भर, तकनीकी रूप से उन्नत और पर्यावरणीय दृष्टि से टिकाऊ भारत का निर्माण करना है। इसके लिए कार्यपालिका, विधायिका, न्यायपालिका, मीडिया, नागरिक समाज और विशेष रूप से युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
पठानिया ने कहा कि सभी धर्मों का सम्मान, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की साख को मजबूत करना, बेरोजगारी और गरीबी जैसी चुनौतियों का समाधान तथा केंद्र-राज्य संबंधों में सौहार्द विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की जिम्मेदारी है कि वे संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करें और युवाओं को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करें।
कार्यक्रम के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र सिंह कल्याण, राज्यसभा के उपसभापति डॉ. हरिवंश तथा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। उत्कृष्ट सत्र संचालन के लिए हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ने कुलदीप सिंह पठानिया को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया।

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