आयोग ने हिमाचल सरकार से मांगी अनुशंसा, जनजातीय क्षेत्रों की उम्मीदें बढ़ीं
एएम नाथ। शिमला : भरमौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. जनक राज ने मंगलवार को शिमला स्थित पीटरहॉफ में आयोजित बैठक के दौरान राष्ट्रीय जनजातीय आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों के समक्ष क्षेत्र से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। बैठक में जनजातीय क्षेत्रों के विकास, संपर्क सुविधा और जनजातीय दर्जे से संबंधित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई।
विधायक डॉ. जनक राज ने आयोग के समक्ष सबसे प्रमुख मांग के रूप में पांगी घाटी को जिला मुख्यालय चम्बा से जोड़ने वाले ऐसे सड़क मार्ग के निर्माण और विकास का विषय रखा, जो वर्ष भर और हर मौसम में सुचारु रूप से खुला रहे। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पांगी क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से आवागमन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे विकास कार्य भी प्रभावित होते हैं।
इसके अलावा विधायक ने मैहला विकास खंड की 24 पंचायतों को जनजातीय दर्जा प्रदान करने की मांग भी आयोग के समक्ष रखी। उनका कहना था कि इन पंचायतों की सामाजिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक परिस्थितियां जनजातीय क्षेत्रों के अनुरूप हैं, इसलिए इन्हें भी जनजातीय क्षेत्र का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने भरमौर क्षेत्र के उल्लांसा और हड़सर गांवों के निवासियों को भी जनजातीय दर्जा दिए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक के दौरान आयोग के अध्यक्ष ने इन मांगों को गंभीरता से सुना और हिमाचल प्रदेश सरकार को निर्देश दिए कि वह संबंधित विषयों पर अपनी अनुशंसा तैयार कर राष्ट्रीय जनजातीय आयोग को भेजे। आयोग ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की अनुशंसा प्राप्त होने के बाद इन मांगों को केंद्र सरकार के समक्ष आगे बढ़ाया जा सकेगा।
विधायक डॉ. जनक राज ने कहा कि यह क्षेत्र के लोगों के लिए सकारात्मक पहल है और उन्हें विश्वास है कि राज्य सरकार तथा केंद्र सरकार जनहित से जुड़े इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन मांगों के पूरा होने से जनजातीय क्षेत्रों के विकास को नई गति मिलेगी और स्थानीय लोगों को व्यापक लाभ प्राप्त होगा।
