विभिन्न  संगठनों द्वारा टर्मिनेशन संबंधी शो-कॉज नोटिसों के खिलाफ पंजाब के मुख्यमंत्री को डिप्टी स्पीकर जय कृष्ण सिंह रौड़ी के माध्यम से भेजा गया मांग पत्र

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मामला 4161 मास्टर कैडर अध्यापकों में से 253 अध्यापकों को शिक्षा विभाग से बाहर करने का
गढ़शंकर, 22 मई  :  विभागीय शर्तें पूरी करके शिक्षा विभाग में पिछले तीन वर्षों से नियमित सेवाएं निभा रहे 4161 मास्टर कैडर अध्यापकों में से 253 अध्यापकों को टर्मिनेशन संबंधी शो-कॉज नोटिस देने के खिलाफ पीड़ित अध्यापकों और विभिन्न  संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से डिप्टी स्पीकर जय कृष्ण सिंह रौड़ी के माध्यम से पंजाब के मुख्यमंत्री को टर्मिनेशन संबंधी शो-कॉज नोटिस रद्द करने हेतु मांग पत्र भेजा गया। इस संबंध में जानकारी देते हुए राज्य नेता बलकार सिंह मघाणिया और मैडम हरविंदर कौर ने बताया कि 4161 मास्टर कैडर भर्ती की परीक्षा अगस्त 2022 में ली गई थी, जिसका परिणाम दिसंबर 2022 में घोषित कर दिया गया था और जनवरी 2023 में चयन सूची के अनुसार अध्यापकों को ऑफर लेटर दिए गए। लेकिन उत्तर कुंजी में कुछ त्रुटियां होने के कारण यह मामला माननीय हाईकोर्ट में चला गया और कोर्ट के आदेशों के अनुसार गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, पंजाबी यूनिवर्सिटी और पंजाब यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ प्रोफेसरों की संयुक्त समिति बनाकर उत्तर कुंजी की त्रुटियों पर विचार करने के आदेश दिए गए। परिणामस्वरूप दोबारा सही उत्तर कुंजी तैयार की गई। माननीय हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार संशोधित उत्तर कुंजी के आधार पर दूसरी चयन सूची तैयार की गई। जिससे जिन अध्यापकों का पहली चयन सूची के अनुसार नंबर आता था, वे अब बाहर हो गए और उनकी जगह दूसरी सही चयन सूची के अनुसार अधिक नंबर वाले अध्यापक चयन सूची में आ गए।

पंजाब सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा संशोधित दूसरी चयन सूची के अनुसार सभी अध्यापकों को 8 मई 2023 को जॉइनिंग लेटर देकर 9 मई 2023 को जॉइन करवा लिया गया। ये अध्यापक पिछले 3 वर्षों से पंजाब के विभिन्न स्कूलों में अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। लेकिन नंबर कम हो जाने के कारण पहली सूची से बाहर हुए अध्यापकों ने भी कोर्ट के माध्यम से नवंबर 2025 में अपनी ड्यूटी जॉइन कर ली।

लेकिन 6 मई 2026 को शिक्षा विभाग द्वारा तीन साल बाद लगभग 253 अध्यापकों को टर्मिनेशन संबंधी शो-कॉज नोटिस जारी कर दिए गए हैं और जवाब देने के लिए 21 दिनों का समय दिया गया है। जिसके कारण 3 वर्षों से अपनी सेवाएं निभा रहे अध्यापकों का भविष्य पूरी तरह खतरे में पड़ गया है। यह अध्यापकों के साथ बहुत बड़ी नाइंसाफी है, गलतियां स्कूल शिक्षा विभाग पंजाब की हैं और उनका बोझ बेगुनाह अध्यापकों पर डाला जा रहा है। हमारी मांग है कि हमें इंसाफ दिया जाए। इन अध्यापकों में से बहुत से अध्यापक ओवरएज हो चुके हैं, जबकि बड़ी संख्या में अध्यापक अपनी पिछली नौकरी से इस्तीफा देकर यहां आए थे।

नेताओं ने कहा कि यदि सरकार द्वारा कोई उचित समाधान नहीं किया जाता, तो हम बड़े संघर्ष करने के लिए मजबूर होंगे।

इस मौके पर मैडम सिमरजीत कौर, 4161 मास्टर कैडर अध्यापक यूनियन पंजाब के राज्य प्रधान संदीप सिंह गिल, दलविंदर सिंह, जसपाल सिंह आदि अध्यापक तथा डेमोक्रेटिक टीचर फ्रंट पंजाब की ओर से संयुक्त जनरल सचिव मुकेश कुमार, राज्य प्रचार सचिव सुखदेव सिंह डानसीवाल, जरनैल सिंह, मनजीत बंगा जी शामिल थे।

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