वैज्ञानिक सोच के साथ जीएं, अपनी जिज्ञासा को जागृत रखें: राजेश धर्माणी

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राज्य स्तरीय बाल विज्ञान सम्मेलन के समापन अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने बाल वैज्ञानिकों से की अपील
हमीरपुर 17 दिसंबर। नवनियुक्त कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी ने रविवार को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर में 31वें राज्य स्तरीय बाल विज्ञान सम्मेलन का समापन किया और विजेताओं को पुरस्कृत किया। हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद (हिमकोस्टे) द्वारा शिक्षा विभाग और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर के सहयोग एवं नेशनल काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी कम्युनिकेशन (एनसीएसटीसी) की सहायता से एनआईटी परिसर में आयोजित किए गए इस सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों के लगभग 600 स्कूली विद्यार्थियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों और उनके मार्गदर्शक शिक्षकों को बधाई देते हुए राजेश धर्माणी ने कहा कि यह सम्मेलन विद्यार्थियों को एक बेहतरीन मंच उपलब्ध करवाता है। वर्ष 2008 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में यह बहुत ही अच्छी पहल की गई थी। विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच एवं लॉजिक के साथ जीने की सलाह देते हुए राजेश धर्माणी ने कहा कि वे हमेशा अपनी जिज्ञासाओं को जागृत रखें। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और अभिभावकों को भी बच्चों के प्रश्नों से बचने के बजाय उनके उत्तर देने चाहिए।
उन्होंने कहा कि एक वैज्ञानिक की एक इनोवेशन करोड़ों लोगों की जिंदगी बदल देती है। इसी तरह बच्चों को अपने आस-पास की विभिन्न समस्याओं के समाधान साइंस एंड टैक्नोलॉजी के माध्यम से ढूंढने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि साइंस के मॉडल्स बनाते समय इनके प्रैक्टिकल उपयोग का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। इस दिशा में अध्यापकों को विशेष प्रयास करने चाहिए।
राजेश धर्माणी ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश के हर राज्य और हर गांव में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसमें विज्ञान ही सबसे बड़ी भूमिका अदा करेगा। उन्होंने कहा कि आज भारत अरबों रुपये का सॉफ्टवेयर निर्यात कर रहा है। इसमें अभी हिमाचल प्रदेश का योगदान महज 5 करोड़ रुपये ही है। इसे कम से कम 100 करोड़ रुपये तक पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार विशेष प्रयास करेगी और इसके लिए एनआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों को भी आगे आना चाहिए।
इससे पहले मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य अतिथियों का स्वागत करते हुए हिमकोस्टे के संयुक्त सचिव सतपाल धीमान ने बताया कि इस वर्ष बाल विज्ञान सम्मेलन के लिए हिमकोस्टे के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रदेश के लगभग 4000 स्कूूलों के 26000 से अधिक विद्यार्थियों ने पंजीकरण करवाया जोकि एक रिकॉर्ड है। उन्होंने हिमकोस्टे की विभिन्न गतिविधियों एवं बाल विज्ञान सम्मेलन के संबंध में विस्तृत जानकारी भी दी। एनआईटी के कार्यकारी निदेशक डॉ. अनूप कुमार और विज्ञान अध्यापक संघ के महासचिव ने भी मुख्य अतिथि, अन्य अतिथियों तथा सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया।
समारोह से पहले राजेश धर्माणी ने बाल वैज्ञानिकों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया और इसमें प्रदर्शित किए गए मॉडल्स की सराहना की।
समापन समारोह में मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू, कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा, हिमकोस्टे के प्रधान वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. एसएस रंधावा, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी दीपशिखा गौड़, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक अशोक कुमार, हिमकोस्टे और एनआईटी के अधिकारी, विभिन्न जिलों के प्रभारी विज्ञान अध्यापक भी उपस्थित थे।
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