मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना में ऊना में 294 लाभार्थी बच्चों को 3.11 करोड़ से अधिक की सहायता

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ऊना, 19 जून. ऊना जिले में मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत 294 लाभार्थी बच्चों को सामाजिक सुरक्षा और स्वावलंबन से संबंधित विभिन्न मदों में 3.11 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई है। उपायुक्त जतिन लाल ने गुरुवार को जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत लाभार्थियों को 31 मार्च 2025 तक सामाजिक सुरक्षा राशि के रूप में 1 करोड़ 30 लाख 43 हजार 909 रुपये प्रदान किए गए हैं। वहीं योजना के तहत जिले में लाभार्थी बच्चों की शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार और स्वावलंबन में सहायता के लिए इस साल 31 मई तक 78 मामलों में 1 करोड़ 80 लाख 68 हजार 550 रुपये की धनराशि प्रदान की गई है। इसके अलावा वित्त वर्ष 2024-25 में मिशन वात्सल्य के तहत स्पॉंसर स्कीम और आफ्टर केयर योजना में 173 मामलों में लाभार्थियों को 40.80 लाख रुपये प्रदान किए गए हैं।
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को विशेष गृह में रह रहे बच्चों की सुरक्षा एवं सुविधा का पूरा ध्यान रखने के निर्देश दिए। बैठक में जिले में बाल कल्याण और संरक्षण की दिशा में किए कार्यों की समीक्षा की गई।
सरकार बनी निराश्रितों का संबल
जतिन लाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के माध्यम से 27 वर्ष की आयु तक अनाथ बच्चों की देखभाल का जिम्मा लिया है। सरकार ने अब योजना का विस्तार करके और भी जरूरतमंद तबकों को इसमें कवर किया है। इसमें अनाथ बचों के साथ ही परित्यक्त अथवा सरेंडर बच्चे और एकल नारी भी सहायता प्राप्त करने के लिए पात्र हैं। लाभार्थी की पारिवारिक आय सभी स्रोतों से पांच लाख रुपये वार्षिक से अधिक नहीं होनी चाहिए तथा लाभार्थी अथवा उसके परिवार का कोई सदस्य सरकारी सेवा में नहीं होना चाहिए।
चाइल्ड हेल्पलाइन पर आए 44 मामले
उपायुक्त ने बताया कि जिले में जनवरी से अप्रैल के 4 महीने की अवधि में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और 112 पर कुल 44 मामले प्राप्त हुए, जिन पर तुरंत कार्रवाई की गई। चाइल्ड हेल्पलाइन के आंकड़ों के अनुसार, बाल शोषण (मानसिक,भावनात्मक,हिंसक) से जुड़े 8 मामले दर्ज किए गए, जबकि बाल परिवार से संबंधित उत्पीड़न के 12 मामले सामने आए। इसके अतिरिक्त बाल भिक्षावृत्ति के 4, लापता बच्चे, मानव तस्करी, साइबर क्राइम, शिक्षा से वंचित बच्चे, भावनात्मक सहयोग और बाल श्रम जैसे मामलों में 10 शिकायतें प्राप्त हुईं। अन्य श्रेणी के अंतर्गत 10 मामले प्राप्त हुए।
बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनीता शर्मा, सहायक आयुक्त वरिंद्र शर्मा, डीएसपी मुख्यालय अजय ठाकुर, सीडब्ल्यूसी की अध्यक्ष मीनाक्षी राणा, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास परियोजना नरेंद्र कुमार, जिला बाल संरक्षण अधिकारी कमलदीप, बीडीओ केएल वर्मा सहित अन्य सरकारी तथा गैर सरकारी सदस्यों ने बाल संरक्षण और कल्याण के लिए व्यवस्थागत सुधारों को लेकर बहुमूल्य सुझाव दिए।
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