शीतल अंगुराल की शिकायत पर आयोग ने लिया संज्ञान; FIR, धाराओं, गिरफ्तारी, चार्जशीट और मुआवजे का मांगा पूरा ब्यौरा
संगरूर, 4 अक्तूबर (सतलुज ब्यास टाइम्स): संगरूर में अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से संबंधित एक युवक की मौत के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने सख्त रुख अपनाते हुए जिला प्रशासन और पुलिस से जवाब मांगा है। आयोग ने संगरूर के उपायुक्त (DC) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
यह कार्रवाई भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा, पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक शीतल अंगुराल की शिकायत पर की गई है। आयोग ने मामले में पुलिस कार्रवाई, दर्ज FIR, लगाई गई धाराओं, आरोपियों की गिरफ्तारी, जांच एवं चार्जशीट की स्थिति तथा पीड़ित परिवार को मिलने वाले मुआवजे से संबंधित जानकारी मांगी है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा में जवाब दाखिल नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों को आयोग के समक्ष पेश होने के लिए समन जारी किया जा सकता है। NCSC को संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत अनुसूचित जातियों के अधिकारों और सुरक्षा उपायों से जुड़े मामलों की जांच का अधिकार प्राप्त है।
शीतल अंगुराल ने कार्रवाई का किया स्वागत
NCSC की कार्रवाई का स्वागत करते हुए शीतल अंगुराल ने आयोग के चेयरमैन किशोर मकवाना की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है।
अंगुराल ने आरोप लगाया कि संगरूर में दलित युवक की मौत से जुड़ी यह तीसरी घटना है, जिसको लेकर पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
उल्लेखनीय है कि NCSC ने इससे पहले भी该 मामले को लेकर पंजाब सरकार से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी थी और आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की बात कही थी।
